मधुमालती की बेल को मार्च में ऐसे करें तैयार, गर्मियों में फूलों से भर जाएगी पूरी दीवार

मार्च का महीना मधुमालती की बेल के लिए सबसे अहम होता है। अगर इस समय सही देखभाल कर ली जाए तो गर्मियों में यह बेल फूलों से लद जाती है और घर की बालकनी या गार्डन को बेहद खूबसूरत बना देती है।
मधुमालती की बेल को मार्च में ऐसे करें तैयार

हर कोई चाहता है कि उसके घर की बालकनी, छत या गार्डन हरियाली और फूलों से भरा हुआ दिखाई दे। ऐसे में लोग कई तरह के पौधे लगाते हैं, लेकिन कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो कम मेहनत में भी घर को बेहद सुंदर बना देते हैं। उन्हीं पौधों में से एक है मधुमालती की बेल।

मधुमालती की खास बात यह है कि इसके फूलों का रंग बदलता रहता है और जब इसकी बेल दीवार या जाली पर फैलती है तो पूरा घर बेहद आकर्षक लगने लगता है। अगर आप चाहते हैं कि गर्मियों में मधुमालती की बेल फूलों से भर जाए तो मार्च के महीने में इसकी सही देखभाल करना बहुत जरूरी है।

मधुमालती की बेल क्यों है खास

मधुमालती की बेल को कई लोग रंगून क्रीपर भी कहते हैं। यह एक तेज़ी से बढ़ने वाली बेल होती है जो दीवार, जाली या पेर्गोला पर आसानी से चढ़ जाती है। इस पौधे की सबसे खास बात यह है कि इसके फूल पहले सफेद होते हैं, फिर गुलाबी और बाद में लाल रंग के हो जाते हैं। इसी वजह से यह पौधा देखने में बेहद आकर्षक लगता है। अगर इसे सही जगह और सही देखभाल मिल जाए तो यह पूरी दीवार या गार्डन को फूलों से भर सकता है।

मार्च में छंटाई करना क्यों जरूरी है

मधुमालती की बेल में ज्यादा फूल पाने के लिए मार्च के महीने में हल्की छंटाई करना बहुत जरूरी होता है। सर्दियों के बाद पौधे की कई टहनियां सूख जाती हैं या कमजोर हो जाती हैं। अगर इन टहनियों को हटा दिया जाए तो पौधे में नई टहनियां निकलती हैं। नई टहनियां निकलने से पौधा तेजी से बढ़ता है और उस पर ज्यादा फूल आने लगते हैं। ध्यान रखने वाली बात यह है कि बहुत ज्यादा कटाई नहीं करनी चाहिए। केवल सूखी और कमजोर टहनियों को ही हटाना चाहिए।

मिट्टी को नरम रखना जरूरी

अगर मधुमालती की बेल गमले में लगी है तो मिट्टी का सख्त हो जाना पौधे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। सख्त मिट्टी में जड़ों तक हवा और पानी ठीक से नहीं पहुंच पाता है। इसलिए मार्च के महीने में खुरपी या किसी छोटे औजार की मदद से मिट्टी को हल्का सा ढीला कर देना चाहिए। इससे जड़ों को सांस लेने की जगह मिलती है और पौधा तेजी से बढ़ने लगता है।

सही खाद देने से बढ़ेगी फूलों की संख्या

फूलों वाले पौधों को पोषण की जरूरत सबसे ज्यादा होती है। अगर आप चाहते हैं कि मधुमालती की बेल में ज्यादा फूल आएं तो मार्च में इसमें अच्छी खाद डालना जरूरी है। आप इसमें गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट या सरसों की खली की खाद डाल सकते हैं। ये सभी प्राकृतिक खाद पौधे को ताकत देती हैं और फूलों की संख्या बढ़ाने में मदद करती हैं।

धूप का सही इंतजाम जरूरी

मधुमालती की बेल को अच्छी धूप की जरूरत होती है। अगर पौधे को पर्याप्त धूप नहीं मिलती है तो उस पर फूल कम आते हैं। इसलिए कोशिश करें कि पौधे को ऐसी जगह रखें जहां रोज कम से कम 5 से 6 घंटे की धूप मिल सके। धूप मिलने से पौधा स्वस्थ रहता है और फूल ज्यादा खिलते हैं।

बेल को सहारा देना जरूरी

मधुमालती एक बेल वाला पौधा है, इसलिए इसे बढ़ने के लिए सहारे की जरूरत होती है। अगर इसे सहारा नहीं मिलेगा तो यह जमीन पर ही फैलने लगेगा और सही तरीके से नहीं बढ़ पाएगा। आप इसके पास लकड़ी की स्टिक, लोहे की जाली या दीवार का सहारा दे सकते हैं। जब बेल ऊपर की ओर फैलती है तो उस पर ज्यादा टहनियां निकलती हैं और फूलों की संख्या भी बढ़ जाती है।

पानी देने का सही तरीका

गर्मियों की शुरुआत में पौधों को नियमित पानी देना जरूरी होता है। लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि गमले में पानी जमा न हो। बहुत ज्यादा पानी देने से जड़ें खराब हो सकती हैं और पौधा कमजोर पड़ सकता है। इसलिए जब मिट्टी सूखी दिखाई दे तभी पौधे को पानी देना चाहिए।

बालकनी और गार्डन की बढ़ेगी खूबसूरती

अगर मधुमालती की बेल की सही तरीके से देखभाल की जाए तो यह कुछ ही महीनों में पूरे गार्डन या बालकनी की खूबसूरती बढ़ा सकती है। दीवार पर फैली मधुमालती की बेल और उस पर खिले रंग-बिरंगे फूल किसी भी घर को बेहद आकर्षक बना देते हैं। यही वजह है कि गार्डनिंग करने वाले लोग इस पौधे को बहुत पसंद करते हैं।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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