मोटे-भारी कंबल में यदि लग गया हो दाग, तो मिनटों में मिलेगा छुटकारा, आजमाएं ये 4 घरेलू उपाय

मोटे-भारी कंबल में यदि लग गया हो दाग, तो मिनटों में मिलेगा छुटकारा, आजमाएं ये 4 घरेलू उपाय

How To Get Rid Of Stain Of Blanket: सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है और इस दौरान लोग खुद को ठंड से बचाने के लिए मोटे-मोटे और भारी कंबलों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कभी-कभी गलती से ब्लैंकेट में दाग लग जाते हैं, जिसे साफ करना बहुत मुश्किल होता है। भारी कंबलों को हटाना कोई आसान बात नहीं होती, इसलिए आप कुछ उपायों को अपनाकर घर पर ही कंबल के दागों से छुटकारा पा सकते हैं।

विनेगर का करें इस्तेमाल

विनेगर का इस्तेमाल करके आप आराम से कंबल के दाग हटा सकते हैं। इसके लिए गुनगुने पानी में दो से तीन चम्मच विनेगर डालकर मिलाएं और इसका इस्तेमाल दाग वाले भाग में करें।

बेकिंग सोडा आएगा काम

बेकिंग सोडा दाग-धब्बों को साफ करने के लिए कारगर उपाय माना जाता है। इसके लिए आधा लीटर पानी में दो चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं और इसमें 10 मिनट के लिए कंबल के स्टेन वाले भाग को छोड़ दें। अब हाथों रगड़ इसे कर साफ़ करें।

टूथपेस्ट दिखाएगा कमाल

आप टूथपेस्ट से भी कंबल के दाग को साफ कर सकते हैं। ब्लैंकेट के जिस भाग में दाग लगा हो वहाँ सफेद रंग का कोई भी टूथपेस्ट लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दें। उसके बाद पानी से धो डालें। दाग कुछ देर में ही गायब हो जाएगा।

रबिंग अल्कोहल भी होगा कारगार

घरों में आसानी से रबिंग अल्कोहल मिल जाता है। इसका इस्तेमाल भी आप कंबल पर लगे दाग को हटाने के लिए कर सकते हैं। पानी और रबिंग अल्कोहल के मिक्स्चर को दाग पर लगाए। कुछ देर में ही दाग साफ हो जाएगा।

Disclaimer: इस खबर का उद्देश्य केवल जानकारी देना है। कोई भी उपाय आजमाने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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