
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। हम सब अपने जीवन में सफलता (success) चाहते हैं। इसके लिए तमाम प्रयास भी करते हैं लेकिन कई बार सफलता हमसे दूर भागती है। ऐसे में कुछ देर ठहरकर सोचने की जरुरत है। कई बार हमें कुछ नई चीज़ें अपनाने की जरुरत होती है। लेकिन कई बार ये भी होता है कि हमें अपनी कुछ आदतें न तो छोड़ना है न ही कुछ नया आजमाना है, बल्कि कुछ चीजों को रिप्लेस करना होता है। आज हम ऐसी ही कुछ चीज़ों पर बात करेंगे।
शख्स के टच करते ही अजगर ने किया ऐसा, देखकर हो जाएंगे आपके रोंगटे खड़े
- अल्कोहल को पानी से रिप्लेस कीजिए। इससे आप बहुत बड़ा फर्क देखेंगे। आपको एकाग्र होने में मदद मिलेगी और चीज़ें व्यवस्थित होंगी।
- नाकामयाबी को सबक के रूप में देखिए। जैसे ही आप नाकामी को सबक से रिप्लेस करेंगे, आपका पूरा नजरिया बदल जाएगा।
- ओवरथिंकिंग को एक्शन से रिप्लेस कीजिए। अपने ज्यादा सोचने की आदत को कार्य में परिणित करेंगे तो पाएंगे कि आपको जल्दी और बेहतर नतीजे मिल रहे हैं।
- ब्लेम करने की आदत को जिम्मेदारी लेने की आदत से रिप्लेस कीजिए। जैसे ही आप किसी और को ब्लेम करना छोड़कर खुद उसकी जिम्मेदारी लेंगे, चीजें अपने आप सुधरने लगेंगी, क्योंकि तब आपर खुद में सुधार करेंगे।
- टॉक्सिक दोस्तों को एक बेहतर मार्गदर्शक से रिप्लेस कीजिए। जीवन में हमेशा प्रेरणा की जरुरत होती है और ये आपको खुद तलाशना होगा।
- शिकायती लहज़े को कृतज्ञ भाव से रिप्लेस करें। बजाय इसके कि हमें ऐसी परेशानी क्यों दी, ये सोचिए कि हमें ये जीवन मिला है और हम इसमें बार बार प्रयास कर सकते हैं।
- नेटफ्लिक्स, प्राइम या अन्य ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बिंज वॉचिंग की आदत को एक तसल्ली भरी नींद से रिप्लेस करें। इससे आपको एनर्जी और सुकून मिलेगा।
- कृत्रिम प्रभावशाली व्यक्तियों को प्रेरक सृजनकर्ताओं से रिप्लेस कीजिए। वे लोग जो रचनात्मक और सृजनात्मक हैं, वे आपके आसपास पॉजीटिव एनर्जी पैदा करेंगे।
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →

