भारतीय मसाले : स्वाद और सेहत का खजाना

भारतीय मसाले : स्वाद और सेहत का खजाना

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। भारतीय भोजन के स्वाद का जादू दुनियाभर में फैल चुका है। अलग अलग देशों में ऑथेंटिक इंडियन फूड के कई रेस्टॉरेंट खुल चुके हैं। हमारे खाने का स्वाद इतना पसंद किया जाता है कि कई विदेशी तो स्पेशली फूड टूरिज़्म के लिए भारत आते हैं। और इस स्वाद के पीछे सबसे बड़ा कारण होते हैं मसाले (Spices)। हमारे यहां खाने में तरह तरह के मसालों का उपयोग किया जाता है। देश के अलग अलग राज्यों में वहां के मौसम, उपलब्धता और परंपरानुसार मसालों का प्रयोग होता है। यही वजह है कि हर जगह का स्वाद अपने आप में अनोखा और अलग मिलेगा। लेकिन ये मसाले केवल स्वाद बढ़ाने के काम ही नहीं आते हैं। इनमें कई  तरह के औषधीय गुण भी होते हैं। इनसे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और कई तरह की बीमारियां भी दूर रहती हैं। आज जानते हैं कि किस मसाले की क्या विशेषता है।

Music Therapy : संगीत के जादू से मूड ही नहीं, ठीक होती हैं बीमारियां भी

  • हल्दी बेहद गुणकारी होती है। इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीऑक्सीडें और एंटीफंगल तत्व मौजूद होते हैं। कच्ची हल्दी में विटामिन सी, के, पोटैशियम, प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, कॉपर, जिंक, फॉस्फोरस, थियामिन, राइबोफ्लेविन जैसे तत्व होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है।
  • लाल मिर्च से कफ वात को दूर करने में मदद मिलती है। सीमित मात्रा में ये ज्वर में भी लाभकारी है और तीखी प्रकृति के कारण ये लार निकालने और पाचन में सहायता करती है।
  • धनिया पाउडर में विटामिन ए, के, सी और ई प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके नियमित इस्तेमाल से खाने में अरुचि, पाचन तंत्र, मूत्र विकार के साथ-साथ अनेक बीमारियों में लाभ होता है।
  • दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट्स काफी मात्रा में होते हैं। इससे सूजन, शुगर लेवल कम करने और ट्राय ग्लिसराइड्स घटाने में मदद मिलती है। दालचीनी में मैग्नेशियम, आयरन और कैल्शियम जैसे मिनरल्स भी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। साथ ही एंटी माइक्रोबियल गुण भी होते हैं।
  • इलायची में एंटीऑक्सीडेट तत्व शरीर की शुगर यानि इंसुलिन लेवल को कम करने में मदद करते हैं। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी इफेक्ट्स और एंटी ऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं जो क्रॉनिक बीमारियों में लाभकारी है। इसमें मिलने वाला मैग्नीशियम और पोटेशियम शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सामान्य रखता है और गैस, एसिडिटी या पेट की अन्य समस्या से भी निजात मिलती है।
  • लौंग विटामिंस और मिनरल्स से भरपूर होता है। इसमें जिंक, कॉपर, मैग्नीशियम, बीटा-कैरोटीन और विटामिन बी भी प्रचुर मात्रा में होता है। इसे इसे पुरुष यौन स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है। लौंग में विटामिन बी1, विटामिन बी2, विटामिन बी4, विटामिन बी6 और विटामिन बी9 भी होता है।
  • मेथी को शुगर पेशेंट के लिए वरदान माना जाता है। कई अध्ययन से पता चला है कि मेथी से रक्त शर्करा कम होती है। इसी के साथ ये ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाओं के लिए भी लाभकारी है। आयुर्वेद में इसके कई लाभ बताए गए हैं।
  • हींग के तड़के के बिना दाल और कढ़ी में स्वाद नहीं आता। सर्दियों में इसका खासतौर पर प्रयोग किया जाता है। हींग में एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये पेट की कई समस्याओं के लिए लाभकारी है और पाचन मे भी मदद करती है। इसे नेचुरल ब्लड थिनर के रूप में भी जाना जाता है और ये बीपी कंट्रोल करने में भी सहायक है।
  • जीरा आलू का स्वाद भला किसे नहीं पसंद। ये एक बेहतरीन एंटीऑक्सिडेंट है। इसमें विटामिन ई, ए, सी और बी-कॉम्प्लैक्स जैसे विटामिन खासे पाए जाते हैं। ये फाइबर का अच्छा स्त्रोत है और इसमें आयरन, कॉपर, कैल्शियम, पोटैशियम, मैगनीज, जिंक व मैगनीशियम जैसे मिनरल्स भी होते हैं।
  • जायफल का उपयोग नमकीन और मीठे दोनों तरह के भोजन में होता है। इसमें एंटी बैक्‍टीरियल तत्‍व पाये जाते हैं। जायफल से दिमाग मजबूत होता है और ये एल्‍जाइमर बीमारी में भी लाभकारी है। इससे भूख बढ़ती है और ये पुरुषों की यौन शक्ति के लिए भी फायदेमंद होता है।
Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews