
Interesting psychological facts : मनोविज्ञान ऐसी अनुप्रयोगात्मक विद्या है जिसमें मानवीय व्यवहार का अध्ययन करती है। हालांकि इसमें सिर्फ मनुष्य ही नहीं, अन्य जीव जंतु भी शामिल हैं। मनोविज्ञान एक ऐसा विज्ञान है जो क्रमबद्ध रूप से प्रेक्षणीय व्यवहार का अध्ययन करता है। इसका मुख्य उद्देश्य मानसिक प्रक्रियाओं को समझना है। मनुष्य के मन मस्तिष्क को लेकर सालों से अध्ययन और शोध किए जा रहे हैं और इसमें कई रोचक और दिलचस्प तथ्य सामने आए हैं। आज हम आपके लिए ऐसे ही कुछ रोचक जानकारी लेकर आए हैं।
रोचक मनोवैज्ञानिक तथ्य
- कहते हैं कि आदत कभी नहीं छूटती, लेकिन आदत बनने में भी समय लगता है। एक अध्ययन के मुताबिक औसत व्यक्ति को किसी चीज़ की आदत बनाने या पड़ने में करीब 21 दिन का समय लगता है।
- अगर किसी में अपराधबोध की गहरी भावना है तो वो व्यक्ति अपने आसपास के लोगों की भावनाएं, इच्छाएं, चिंताएं अधिक बेहतर तरीके से समझ सकता है।
- अगर आपको संगीत का शौक है तो ये बात जानना अहम होगा। गाना सुनने वाले 80 फीसदी लोग इनका इस्तेमाल किसी खराब याद या दुख को मिटाने या फिर बुरे विचारों से छुटकारा पाने के लिए करते हैं।
- हम अगर किसी चीज को याद कर रहे हैं तो अक्सर आंखें बंद कर लेते है। मनोविज्ञान कहता है कि इससे भूली हुई चीज याद करने में सहायता मिलती है।
- अगर आपने किसी लक्ष्य को साधने का मन बनाया है तो उसे किसी को बताइये मत। एक अध्ययन के मुताबिक अगर आप ऐसा करते हैं तो उसके सफल होने की संभावनाएं कम हो जाती हैं क्योंकि इससे आप अपना मोटिवेशन खो देते हैं।
- सोने से पहले आप जिस व्यक्ति के बारे में सोचते हैं वो या तो आपके जीवन में सुख का कारण होता है या फिर दुख का। लेकिन वो आपके जीवन में किसी भी वजह से महत्व जरुर रखता है।
- आपने अक्सर खुशी और दुख के आंसू के बारे में सुना होगा। मनोविज्ञान भी इसे सही बताता है और रिसर्च के मुताबिक व्यक्ति जब खुशी के आंसू रोता है तो पहला आंसू दाहिनी आंख से निकलता है। जबकि दुख में पहला आंसू बायीं आंखे से निकलता है।
- आज हम ज्यादातर बातें टेक्स्ट के जरिए करते हैं। लेकिन मनोविज्ञान में इसे लेकर एक रोचक थ्योरी है। इसके मुताबिक 90 प्रतिशत लोग जो बात आमने सामने नहीं कह पाते, वो टेक्स्ट के जरिए कह देते हैं।
- अगर कोई व्यक्ति ज्यादा झूठ बोलता है तो वो सामने वाले का झूठ पकड़ने में भी माहिर होता है।
- अगर आप एक भी नकारात्मक बात सुनते हैं तो वो आपके ज़हन में पांच सकारात्मक बातों को खराब कर सकती है।
- स्मार्ट और बुद्धिमान लोग अपने आप को कम आंकते हैं जबकि कम समझदार लोग खुद को ज्यादा बुद्धिमान समझते हैं।
- अगर आप और कोई दूसरा व्यक्ति एक ही रेसिपी से खाना बना रहा है तो आपको सामने वाले का भोजन ज्यादा अच्छा लगेगा, जबकि आप दोनों एक ही रेसिपी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
(डिस्क्लेमर : ये लेख मनोविज्ञान संबंधी रिसर्च और उससे प्राप्त तथ्यों के आधार पर लिखा गया है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।)
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →

