आज की तेज रफ़्तार और कॉम्पिटिशन से भरी ज़िंदगी में लोग अक्सर दूसरों की बातों और आलोचनाओं से प्रभावित हो जाते हैं। कई लोगों के मन में हमेशा चिंताएं सताती रहती है कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं और क्या कहते हैं, इस मानसिकता के कारण हम ख़ुद पर श़क करने लगते हैं, हमारा आत्मविश्वास कमज़ोर होने लगता है, हम अपनी क्षमता का सही तरीक़े से इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि दूसरों की सोच और राय पर ध्यान देना हमारे जीवन के उद्देश्य और खुशियों में बाधा डाल सकता है। सबसे पहले तो हमें यह बात समझने की ज़रूरत है कि दुनिया का हर इंसान अलग होता है, सभी की सोच अलग होती है, सभी की पसंद नापसंद अलग होती है, अभी का व्यक्ति तुम भी अलग अलग होता है।
जया किशोरी को कौन नहीं जानता, बड़ों से लेकर बच्चों तक उनकी बातों को सुनना पसंद करते हैं। कई लोग उन्हें अपने पॉडकास्ट शो में भी बुलाते हैं, जया किशोरी एक प्रसिद्ध कथा वाचिका, भजन गायिका और मोटिवेशनल स्पीकर है। वे हमेशा लोगों को ख़ुशहाल जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है, वे बताती है कि बेवजह की चिंता इंसान को ख़त्म कर देती है, ऐसा ही कुछ उन्होंने आलोचना को लेकर भी कहा।
जया किशोरी के प्रेरणादायक शब्द जो दिल छू जाएं (Jaya Kishori Quotes)
अपनी ऊर्जा और समय को खुद को बेहतर बनाने में लगाएं
जया किशोरी कहती है, कि हमें कभी भी अपनी एनर्जी और समय को दूसरों की आलोचनाओं या टिप्पणियों पर व्यर्थ नहीं करना चाहिए। इसकी बजाय हमें अपनी एनर्जी और समय को ख़ुद को बेहतर बनाने में लगाना चाहिए। दूसरों की बातें सिर्फ़ और सिर्फ़ हमारा आत्मविश्वास कमज़ोर करते हैं, इसलिए बेवजह की बातों में ध्यान लगाने की बजाय अगर आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करने पर ध्यान देंगे, मेहनत करेंगे, तो आपको अपने कर्मों का फल अवश्य मिलेगा।
दूसरों की बातों को नजरअंदाज करें
जया किशोरी कहती है, कि दूसरे लोग हमेशा की कमी ही निकलते रहते हैं, उनकी कमी निकालने का सिलसिला कभी ख़त्म नहीं होगा, अगर आज होने के मुताबिक़ चल भी लेंगे, तो कल फिर कुछ नई बात होगी जिसके लिए आपको मजबूरन उनके विचारों के हिसाब से चलना पड़ेगा। इसलिए बेहतर है, ये ख़ुद पर ध्यान दें, ख़ुदको बेहतरीन बनाने में अपना समय ख़र्च करें। जब हम ख़ुद के अंदर विश्वास लाते हैं, अपनी क्षमता पर विश्वास करते हैं, और हर दिन ख़ुद को बेहतर पाते हैं, तो ऐसे में आत्मविश्वास बढ़ता है, और धीरे धीरे हम वे सारी चीज़ें कर पाते हैं, जो हम करना चाहते हैं।
सकारात्मक सोच से बढ़ाएं आत्मविश्वास
जया किशोरी कहती है, आगे बढ़ने के लिए सबसे ज़रूरी है ख़ुद के बारे में सकारात्मक सोचना, अगर हम ख़ुद ही ख़ुद पर विश्वास नहीं रख पाएंगे, ख़ुद की क्षमता पर श़क करेंगे, तो फिर हम बाहरी दुनिया से क्या ही उम्मीद कर पाएंगे, इसलिए अगर आप चाहते हैं कि लोगों की नकारात्मक टिप्पणी या आलोचना का आपको असर न पड़े, तो ज़रूरी है, आप सकारात्मकता से आगे बढ़ें। जब आप अपने लक्ष्य पर पूरी तरह से फ़ोकस होते हैं, तो कोई भी बाहरी शुक्रिया नकारात्मकता आपके आत्मविश्वास को कमज़ोर नहीं कर पाती।






