Rose Day: आखिर गुलाब से क्यों शुरू होता है वैलेंटाइन वीक, खास है इसकी वजह

7 फरवरी को रोज डे से वेलेंटाइन वीक की शुरुआत हो जाती है। इस दिन पार्टनर्स एक दूसरे को गुलाब देकर प्यार का इजहार करते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि आखिरकार वैलेंटाइन डे गुलाब देकर ही क्यों शुरू होता है।
Rose Day

Rose Day: फरवरी के महीने की 7 तारीख से वेलेंटाइन वीक की शुरुआत हो जाती है। 7 दिनों तक अलग-अलग दिन सेलिब्रेट किए जाते हैं। इस हफ्ते की शुरुआत रोज डे से होती है। इस दिन पार्टनर्स एक दूसरे को गुलाब का फूल भेंट करते हैं और अपनी फिलिंग्स बयां करते हैं। गुलाब का फूल पार्टनर के लिए दिल में बसे हुए प्यार की निशानी कहलाता है।

रोज डे पर पार्टनर को गुलाब देने के बारे में तो आप सभी ने सुना ही होगा और दिया भी होगा। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर गुलाब देकर ही वेलेंटाइन वीक की शुरुआत क्यों होती है और आखिर इसकी जगह किसी और फूल को क्यों नहीं दी गई।

Rose Day से शुरू हुआ वेलेंटाइन वीक

लाल गुलाब प्यार के गहरे रंग को दर्शाने का काम करता है। कपल अक्सर अपने प्यार का इजहार करने के लिए यह फूल एक दूसरे को देते हैं। आपको बता दें कि गुलाब के फूल से फिलिंग्स बयां करने का अंदाज आज से नहीं बल्कि मुगल काल से चला रहा है। बताया जाता है कि मुगल बेगम नूरजहां को यह फूल बहुत पसंद था और जहांगीर उन्हें खुश करने के लिए यही दिया करते थे। इतना ही नहीं महारानी विक्टोरिया ने जब प्रिंस अल्बर्ट से प्यार का इजहार किया था तो उन्हें गुलाब का गुलदस्ता दिया था। यह भी कहा जाता है कि इसी समय से रोज डे सेलिब्रेट किया जाता है।

गुलाब ही क्यों?

गुलाब सारे फूलों में सबसे सुंदर माना गया है। इसकी बनावट और खुशबू दोनों ही लोगों को आकर्षित करने का काम करती है। ऐसा माना जाता है कि गुलाब की महक रिश्तों को भी महका देती है। यही कारण है कि प्यार के इस हफ्ते को खास बनाने के लिए इसकी शुरुआत गुलाब देकर की जाती है।

ऐसे करें विश

रोज डे पर अगर आप अपने पार्टनर को विश करना चाहते हैं तो कुछ प्यार संदेशों के जरिए मोहब्बत का इजहार कर सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं कि आप अपने पार्टनर को क्या विशेज भेज सकते हैं।

मैं चाहता तो गुलाब पेश करना था,
लेकिन फिर याद आया गुलाब को क्या गुलाब दूं।
Happy Rose Day

अब तो दिन में आते हैं ख्वाब मुझे,
उसने भेजा है गुलाब मुझे।

जिंदगी की राहों में खिलते रहें गुलाब,
चमकती रहे हंसी आपकी निगाहों में,
कदम-कदम पर मिले खुशियों के बहार,
यही दुआ है बार-बार।

मेरा ख्वाब हकीकत बन जाए,
आप हमारी जिंदगी बन जाएं।
हम ले आएंगे लाखों गुलाब आपके लिए,
बस ये गुलाब मोहब्बत की शुरुआत बन जाए।

तेरी सूरत के सिवा मुझे कुछ याद नहीं,
मेरी दीवानगी की कोई हद नहीं,
मैं गुलाब हूं गुलशन का,
तेरे सिवाय मुझपर किसी का हक नहीं।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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