चचेरी बहन से शादी करना इस मुस्लिम देश के लिए बनी मुसीबत! फैली अजीबोगरीब बीमारी, चौंका सकते हैं आपको ये आंकड़े

इस्लाम धर्म को मानने वालों की संख्या अरबों में है। इस्लाम के अनुसार एक लड़का अपनी चचेरी बहन से शादी कर सकता है। यदि आप भी ऐसा मानते हैं तो मेडिकल साइंस की एक रिपोर्ट आपको चौंका सकती है। जानिए ऐसी क्या वजह है जिसके चलते सबसे बड़े इस्लामिक देशों में शामिल पाकिस्तान की विकास की रफ़्तार रुक गई है।
चचेरी बहन से शादी करना इस मुस्लिम देश के लिए बनी मुसीबत! फैली अजीबोगरीब बीमारी, चौंका सकते हैं आपको ये आंकड़े

चचेरी बहन से शादी करना इस मुस्लिम देश के लिए बनी मुसीबत!

दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म इस्लाम है। बता दें कि इस धर्म को मानने वालों की संख्या अरबों में है। जितना बड़ा यह धर्म है उतना ही गहरा भी। इस्लाम की उत्पत्ति 7वीं शताब्दी के आसपास की बताई जाती है। उस समय इस्लाम को ही सबसे आधुनिक धर्मों में से एक माना जाता था। हालांकि जैसे-जैसे दुनिया आगे बड़ी दुनिया में रीती रिवाज और नियम-कायदे बदलते गए। हर धर्म में समय के साथ कुछ बड़े बदलाव होने लगे। आज भी लोगों के मन में इस्लाम में होने वाली शादी को लेकर कई सवाल आते हैं।

दरअसल ज्यादातर लोग यह जानते हैं कि इस्लाम में एक ही परिवार में शादी की मंजूरी है। दरअसल इस्लाम के अनुसार एक लड़का अपनी चचेरी बहन से शादी कर सकता है। हालांकि मेडिकल साइंस के चलते दुनिया के बड़े बड़े इस्लामिक देशों में इस प्रथा में कमी देखने को मिली है, लेकिन पाकिस्तान जैसे देश में आज भी इस प्रथा में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

चौंकाने वाले आंकड़े आए सामने!

दरअसल द फ्राइडे टाइम्स की एक रिपोर्ट की मानें तो आज के समय में भी पाकिस्तान के ग्रामीण इलाकों में बड़ी मात्रा में परिवार में ही शादी की जाती है। रिपोर्ट के अनुसार 65 से 70 फ़ीसदी शादियां पाकिस्तान में आज भी एक ही परिवार के भीतर की जाती हैं। वहीं शहरी इलाकों पर भी नजर डाली जाए तो इसमें भी बड़ी मात्रा में ऐसी ही शादी की जानकारी सामने आती है। दरअसल शहरी इलाकों में आज भी पाकिस्तान में 55 से 60 प्रतिशत शादी परिवार में होती है। वहीं रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में आज भी लगभग 46 प्रतिशत शादियां सगे चचेरे भाइयों-बहनों में ही होती हैं। जिसके चलते पाकिस्तान की आने वाली पीढ़ी गंभीर खतरे की और बढ़ रही है। वहीं मेडिकल साइंस के अनुसार सगे चचेरे भाइयों-बहनों में शादी होने से बीमार बच्चे पैदा होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है।

परिवार में शादी के चलते पाकिस्तान में विकास की रफ़्तार रुकी?

लेकिन इसके बाबजूद भी पाकिस्तान में आज भी हर लड़के की पहली कोशिश होती है कि उसकी शादी अपनी चचेरी बहन से हो जाए। हालांकि इस्लाम धर्म के अनुसार यह सही है। मगर मेडिकल साइंस के अनुसार इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। हालांकि यह बात पाकिस्तान पर सच होती हुई भी दिखाई दे रही है। दरअसल एक ही परिवार में शादी के चलते पाकिस्तान में विकास की रफ़्तार रुक गई है। पाकिस्तानी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की एक रिपोर्ट की माने तो पिछले साल करीब पाकिस्तान में नौ हजार बच्चे पैदा हुए जो थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित पाए गए।

जानिए एक ही परिवार में शादी करने से क्या होता है?

वहीं मेडिकल साइंस की मानें तो रक्त संबंधियों के बीच शादी होने से गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। दरअसल ऐसी शादी में परिवार के खराब जीन लड़के और लड़की दोनों में मौजूद होते हैं। जिसके चलते उन दोनों के बीच शादी होने से यह खराब जीन अगली पीढ़ी में भी ट्रांसफर हो सकते हैं। वहीं अगर शादी परिवार में न होते हुए किसी अन्य से किसी जाती है तो ऐसे में खराब जीन के अगली पीढ़ी में ट्रांसफर होने का खतरा 50 फीसदी कम हो जाता है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में 1000 बच्चों में से 78 बच्चे जन्म के समय ही मर जाते हैं। इसके साथ ही लैंसेट ग्लोबल हेल्थ की मानें तो सबसे ज्यादा वंशानुगत बीमारियां भी पाकिस्तान में पाई जाती हैं। बाबजूद इसके पाकिस्तान में आज भी इस प्रथा को चलाया जा रहा है।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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