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ये है दुनिया का सबसे दुखी देश, जहां खुशी जैसे लफ्ज का नहीं होता कोई मतलब, हैप्पी रहना भूल चुके हैं यहां के लोग!

Written by:Sanjucta Pandit
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आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भारत इस लिस्ट में नीचे से 12वें स्थान पर है, यानि इंडिया दुनिया का 12वां सबसे दुखी देश है। ऐसे में भारतीय को सभी क्षेत्रों में बहुत अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ये है दुनिया का सबसे दुखी देश, जहां खुशी जैसे लफ्ज का नहीं होता कोई मतलब, हैप्पी रहना भूल चुके हैं यहां के लोग!

खुश रहना सभी को पसंद होता है, लेकिन जब पूरा देश ही दुखी हो तो आप इसे क्या कहेंगे? अमूमन जब कोई परेशानी में होता है, तो उसे दिलासा दिया जाता है कि दिक्कतें आती-जाती रहती है, लेकिन दुखी नहीं होना चाहिए। फिल्म आनंद का “जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं बाबू मोशाय” डायलॉग लोगों को खुश रहने की प्रेरणा देता है, लेकिन यह इन देशों के लिए बअसर साबित हो जाता है, जहां के लोग गरीबी, संघर्ष और दुख में अपना जीवन बिता रहे होते हैं। दिक्कतों का जहां लगातार सामना किया जाए, जहां लगातार लोग परेशान ही रहें… वहां मानसिक तौर पर खुश रह पाना बहुत ही कठिन काम है।

दुनिया में कई ऐसे देश है, जहां के लोग दुखी है। यह काफी हैरान करने वाला है, क्योंकि 1, 2 या 10 लोग दुखी हो तो बात समझ में आती है, लेकिन पूरा का पूरा देश दुखी हो… यह अपने आप में बड़े आश्चर्य की बात है।

दुनिया का सबसे दुखी देश

अमूमन किसी भी सामान्य इंसान की बात की जाए तो, सुख सुविधाएं उन्हें पसंद होती हैं। हर कोई चाहता है उनके पास खुद का घर, गाड़ी, नौकरी, परिवार, बाल-बच्चे हों। उन्हें कभी आर्थिक तंगी से ना गुजरना पड़े। इसके लिए वह कड़ी मेहनत भी करते हैं, लेकिन हर साल जारी होने वाले वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में इस देश को सबसे दुखी देश (The Most Unhappy Country in The World) का दर्जा मिला है। जिसकी मुख्य वजहों में कई कारणें शामिल है।

अफगानिस्तान (Afghanistan)

दरअसल, दुनिया का सबसे दुखी देश अफगानिस्तान को माना गया है। यहां का जीवन लगातार कठिन होता जा रहा है। इस देश में गरीबी और सामाजिक अशांति महत्वपूर्ण चुनौती बनती जा रही है। बता दें कि यह रिपोर्ट सोशल सिक्योरिटी, हेल्थ, इनकम, फ्रीडम, करप्शन और उदारता की भावना के आधार पर तैयार किया जाता है। जिसमें अफगानिस्तान सबसे दुखियारी देश के रूप में अव्वल स्थान पर है। दूसरे देशों के मुकाबले इस देश के लोग बहुत ज्यादा दुखी हैं। रिपोर्ट से अनुसार, इन सभी 6 मापदंड़ों में इसका स्कोर बहुत डाउन है।

गरीबी से हैं परेशान

दुनिया के सबसे खुशहाल देश के बारे में सुनकर ऐसा दिमाग में आता है कि वह देश आर्थिक रूप से सबसे अच्छा होगा, लेकिन दुखी देश की लिस्ट में यदि किसी देश का नाम सबसे ऊपर आता है, तो दिमाग में सबसे पहले देश की आर्थिक स्थिति की ही बात आती है। अफगानिस्तान के लोग बेरोजगारी और आर्थिक समस्याओं के कारण सबसे ज्यादा दुखी हैं। भूख और गरीबी से परेशान होने के कारण यहां के लोग ज्यादा दुखी रहते हैं। इन्हीं कारणों से परिवार का भरण-पोषण करना कठिन है। बच्चों की शिक्षा व भविष्य पर भी इसका गहरा असर देखने को मिलता है। बता दें कि तालिबानियों के आने के बाद इस देश का स्थिति और भी ज्यादा खराब हो चुकी है।

जानें भारत की स्थिति

बता दें कि तालिबान के क्रूर शासन के कारण यहां के लोग निराशा से भरी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। इसके अलावा, आंतकवाद की यहां की मुख्य समस्याओं में से एक है। इस लिस्ट लेबनान, सिएरा लियोन, जिम्बाब्वे, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भारत इस लिस्ट में नीचे से 12वें स्थान पर है, यानि इंडिया दुनिया का 12वां सबसे दुखी देश है। ऐसे में भारतीय को सभी क्षेत्रों में बहुत अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं, पाकिस्तान की बात करें तो यह 30वें स्थान पर है, जो कि भारत से काफी अच्छी स्थिति है। गरीबी, शिक्षा की कमी, बेरोजगारी सहित अन्य तमाम तरह की समस्याओं के बावजूद पाकिस्तान भारत से अच्छी परिस्थिति में है।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)

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Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit
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