भारत में हर घर की रसोई में प्याज रोजाना इस्तेमाल होता है। लेकिन यही प्याज अगर सही तरीके से स्टोर न किया जाए तो जल्द ही खराब होने लगता है। खासकर किसानों के लिए प्याज को लंबे समय तक सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। लेकिन अगर कुछ पारंपरिक और देसी तरीके अपनाए जाएं, तो प्याज को खराब होने से बचाया जा सकता है और किसान सही वक्त का इंतजार कर बेहतर कीमत पर इसे बेच सकते हैं।
प्याज को सुरक्षित रखने के लिए सबसे पहले उसकी हार्वेस्टिंग के बाद डंठल को न काटें। इसे जड़ सहित सूखने दें और 20-20 प्याज की एक-एक गड्डी बनाकर हवादार कमरे में लटकाएं। ऐसा करने से प्याज को चारों तरफ से हवा मिलती रहती है और वो नमी के कारण सड़ता नहीं है। इस तकनीक से प्याज 6-8 महीने तक आसानी से सुरक्षित रह सकता है। यह तरीका किसानों और घरों दोनों के लिए एकदम मुफीद है, खासकर तब जब बाजार में भाव अच्छे नहीं मिल रहे हों।
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वर्टिकल स्लैब स्टोरेज तकनीक
दरअसल अगर घर या फार्महाउस पर स्टोरेज के लिए जगह कम है तो वर्टिकल स्लैब वाला तरीका बहुत फायदेमंद हो सकता है। इसमें लोहे का एंगल और वायर जाली लगाकर एक के ऊपर एक स्टोरेज लेयर तैयार की जाती है। हर लेयर के बीच पर्याप्त हवा का आवागमन होता है जिससे प्याज नमी के कारण सड़ता नहीं। यह सिस्टम आप 5-6 हजार रुपये में खुद तैयार कर सकते हैं और 1 टन तक प्याज स्टोर कर सकते हैं। खास बात यह है कि इसमें प्याज को बार-बार पलटने की जरूरत भी नहीं पड़ती है।
ट्री गार्ड और पारंपरिक प्लेटफॉर्म से भी रखें सुरक्षित
वहीं ट्री गार्ड स्टाइल स्टोरेज भी अब गांवों में बहुत तेजी से अपनाया जा रहा है। इसमें लोहे की जाली से एक बड़ा सा पाइपनुमा ढांचा बनाया जाता है और उसमें ऊपर से प्याज भरा जाता है। इससे प्याज चारों ओर से हवा पाता है और खराब नहीं होता। वहीं, पारंपरिक प्लेटफॉर्म तरीका भी अब गांवों में आम है जिसमें नीचे ईंट की परत, उस पर बांस या लकड़ी की छड़ियां और फिर उस पर जालीदार बोरियों में प्याज रखा जाता है। इस तरीके से जमीन की नमी प्याज तक नहीं पहुंचती और प्याज महीनों तक ताजा बना रहता है।