पद्म पुरस्कार 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 मई को 131 हस्तियों को करेंगी सम्मानित, गृह मंत्रालय ने दी जानकारी

राष्ट्रपति भवन में 25 मई को आयोजित होने वाले विशेष समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 131 विशिष्ट विभूतियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करेंगी। 16 व्यक्तियों को मरणोपरांत यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।
Padma Awards

गणतंत्र के सर्वोच्च नागरिक अलंकरणों में शुमार पद्म पुरस्कारों का बहुप्रतीक्षित समारोह इस वर्ष 25 मई को आयोजित होने जा रहा है। यह वह दिन होगा जब देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उन असाधारण विभूतियों को सम्मानित करेंगी जिन्होंने अपने विशिष्ट योगदान से विभिन्न क्षेत्रों में भारत का गौरव बढ़ाया है। यह अलंकरण समारोह, जिसमें कुल 131 हस्तियों को प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से नवाजा जाएगा, राष्ट्रपति भवन के गरिमामय प्रांगण में संपन्न होगा।

केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने रविवार को अपने सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से इस शुभ आयोजन की पुष्टि की। मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू, पहले नागरिक अलंकरण समारोह में, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री जैसे सम्मान स्वयं प्रदान करेंगी। यह क्षण वास्तव में उन सभी के लिए एक जादुई अनुभव होगा जिन्हें स्वयं राष्ट्रपति के हाथों यह सम्मान प्राप्त होगा, जो उनके जीवन की साधना और समर्पण की पराकाष्ठा का प्रतीक है।

कुल 131 हस्तियों को मिलेगा सम्मान

इस वर्ष भारत सरकार ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है, जो देश के कोने-कोने से आए उन प्रतिभाशालियों को पहचान देते हैं जिन्होंने अपने कार्यों से समाज और राष्ट्र के लिए अनुकरणीय मिसाल पेश की है। इन पुरस्कारों में पांच पद्म विभूषण, तेरह पद्म भूषण और एक सौ तेरह पद्म श्री शामिल हैं। यह वर्गीकरण उन व्यक्तियों के योगदान की गहराई और व्यापकता को दर्शाता है, जिनके अथक प्रयास और अटूट निष्ठा ने अपने-अपने क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित किए हैं।

इन सम्मानों में 19 महिलाएं भी शामिल हैं, जो नारी शक्ति के बढ़ते प्रभाव और विभिन्न क्षेत्रों में उनके अप्रतिम योगदान को रेखांकित करता है। यह एक महत्वपूर्ण संदेश है कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को अब और अधिक प्रमुखता से सराहा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, 16 व्यक्तियों को मरणोपरांत यह सम्मान प्रदान किया जाएगा, जो यह दर्शाता है कि उनका योगदान इतना गहरा और स्थायी था कि उनके जाने के बाद भी राष्ट्र उन्हें कृतज्ञतापूर्वक स्मरण कर रहा है। यह उन महान आत्माओं के प्रति एक श्रद्धांजलि है जिन्होंने अपना जीवन देश और समाज की सेवा में समर्पित कर दिया।

देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म पुरस्कार

पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं, जिनकी स्थापना वर्ष 1954 में की गई थी। अपनी स्थापना के बाद से, ये सम्मान भारत के उन नागरिकों को दिए जाते रहे हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण योगदान देकर देश और समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह एक गौरवशाली परंपरा है जो प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर इन पुरस्कारों की घोषणा के साथ एक नया अध्याय लिखती है।

ये पुरस्कार कला की अनुपम साधना, साहित्य और शिक्षा के आलोक, खेल के मैदान में विजय गाथा, चिकित्सा के क्षेत्र में सेवाभाव, सामाजिक कार्य के निस्वार्थ समर्पण, विज्ञान और इंजीनियरिंग के नवीन अनुसंधान, सार्वजनिक जीवन की प्रतिबद्धता तथा व्यापार और उद्योग के नवाचार जैसे विविध क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए दिए जाते हैं। प्रत्येक वर्ष, यह चयन प्रक्रिया उन व्यक्तियों को सामने लाती है जिनके कार्य प्रेरणा का स्रोत बनते हैं और जो राष्ट्र के सामूहिक चेतना को समृद्ध करते हैं। 25 मई को होने वाला यह समारोह केवल पुरस्कार वितरण नहीं, बल्कि राष्ट्र की उन महान आत्माओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक भव्य अवसर है जिन्होंने अपने जीवन को उत्कृष्टता के पथ पर अग्रसर किया है।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

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