अगर आपके घर में डॉग है, तो आपने उसकी एक अजीब आदत ज़रूर नोटिस की होगी। वह अपने आरामदायक बेड या सोफे की जगह दरवाजे के पास सोना पसंद करता है। कई बार तो उसका बिस्तर ठीक पास में ही होता है, फिर भी वह चौखट या दरवाजे के आसपास ही लेट जाता है। यह व्यवहार देखने में भले ही अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे कोई जिद या शरारत नहीं होती। दरअसल, यह आदत डॉग्स के बर्ताव, उनके इमोशंस और घर में उनकी भूमिका से जुड़ी होती है। यह सिर्फ एक आम पेट बिहेवियर नहीं है, बल्कि उनके गहरे इंस्टिंक्ट्स का नतीजा है।

डॉग्स की जड़ें जंगली जानवरों से जुड़ी हैं, जहां उन्हें हर समय सतर्क रहना पड़ता था। पुराने समय में वे अपने झुंड और इलाके की सुरक्षा के लिए तैनात रहते थे। उनका मुख्य काम खतरों को पहचानना और अपने साथियों को अलर्ट करना था। यही आदत आज भी पालतू डॉग्स में दिखती है। भले ही आज उन्हें जंगली जानवरों से कोई खतरा न हो, लेकिन यह पैदाइशी गुण उनमें बरकरार है। दरवाजे के पास सोकर वे अपने घर को अपना इलाका मानते हैं और उसकी निगरानी करने की जिम्मेदारी महसूस करते हैं। यह उन्हें प्राकृतिक रूप से सुरक्षित और शक्तिशाली महसूस कराता है।

हर हलचल को आसानी से महसूस कर सकते हैं

दरवाजे के पास सोकर वे घर में होने वाली हर हलचल को आसानी से महसूस कर सकते हैं। कोई बाहर से आए-जाए या हल्की आवाज भी हो तो वे तुरंत सतर्क हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि वे घर की सुरक्षा कर रहे हैं और किसी भी संभावित खतरे से पहले ही अवगत हो सकते हैं। यह सिर्फ शोर का पता लगाना नहीं है, बल्कि दरवाज़े के पास की जगह उन्हें पूरे घर का एक अच्छा व्यू भी देती है, जहाँ से वे घर के अंदर होने वाली गतिविधियों को भी देख पाते हैं। इससे उन्हें अपने इलाके की निगरानी करने का एहसास मिलता है और वे अपनी गार्डिंग ड्यूटी को पूरा करते हुए महसूस करते हैं।

हर बार यह सिर्फ आदत नहीं होती, कई बार यह उनके इमोशनल स्टेट को भी दिखाता है। अगर आपका डॉग शांत और रिलैक्स होकर दरवाजे के पास सो रहा है, तो इसका मतलब है कि वह खुद को सुरक्षित और जिम्मेदार महसूस करता है। वह अपने मालिकों के लिए सुरक्षा का एक घेरा बनाने की कोशिश करता है। लेकिन अगर वह बार-बार उठता है, घबराया हुआ लगता है या हर आवाज पर चौंक जाता है, तो यह चिंता या तनाव का संकेत हो सकता है। ऐसे में उसके बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान देना जरूरी है। जैसे कान पीछे करना, पूंछ दबाना या अत्यधिक हाँफना, ये सब तनाव के लक्षण हो सकते हैं।

आसपास की चीजों पर नजर रखते हैं

डॉग्स की नींद इंसानों जैसी गहरी और लगातार नहीं होती। वे हल्की नींद में भी आसपास की चीजों पर नजर रखते हैं। उनकी नींद कई छोटे-छोटे हिस्सों में बंटी होती है, जिसमें वे जल्दी जाग जाते हैं और फिर सो जाते हैं। दरवाजे के पास सोने से उन्हें आराम भी मिलता है और सतर्कता भी बनी रहती है। वे नींद में होते हुए भी बाहरी दुनिया से कटे नहीं होते और किसी भी बदलाव पर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहते हैं। यह उन्हें आराम करने और साथ ही अपने प्राकृतिक प्रहरी की भूमिका निभाने का अवसर देता है।

आमतौर पर यह व्यवहार सामान्य और हानिरहित है, जो डॉग्स के प्राकृतिक स्वभाव का हिस्सा है। लेकिन अगर आपका डॉग इस आदत के कारण ज़्यादा चिंतित या आक्रामक दिखने लगे, तो ध्यान देना जरूरी है। ऐसी स्थिति में आपको उसके लिए कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं। आप उसके लिए ऐसा आरामदायक बिस्तर रखें जो घर के बीच में हो, जहाँ से उसे सब कुछ दिखता रहे। ऐसा करने से उसे लगेगा कि वह अब भी घर की निगरानी कर सकता है, लेकिन सुरक्षित और आरामदायक जगह पर है। उसके पसंदीदा खिलौने या उसकी खुशबू वाली चीजें वहां रखें ताकि उसे उस जगह से लगाव महसूस हो। यह उसे नए बिस्तर पर सहज महसूस कराने में मदद करेगा और उसकी चिंता को कम कर सकता है।