बाजार से लाए आलू में केमिकल है या नहीं? ऐसे पकड़ें सच

बाजार से खरीदे गए आलू अगर दिखने में चमकदार या ज्यादा ताजे लगें तो सावधान हो जाएं। अक्सर इन्हें स्टोर करने या पुराना होने पर ताज़ा दिखाने के लिए केमिकल्स और अमोनिया का इस्तेमाल किया जाता है। जानिए 4 आसान ट्रिक जिनसे आप पहचान सकते हैं कि आपके आलू प्राकृतिक हैं या केमिकल वाले।
Potato Tricks

भारतीय रसोई में आलू की अहमियत किसी से छिपी नहीं है। आलू सब्जी में डालें तो स्वाद बढ़े, समोसे-पकौड़े बनें तो मज़ा दोगुना। यही वजह है कि हर घर की थाली में आलू किसी न किसी रूप में जरूर मौजूद रहता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि बाजार से जो आलू आप खरीदकर लाते हैं, वो पूरी तरह सुरक्षित भी हैं या नहीं?

हाल ही में विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आलू को लंबे समय तक स्टोर करने या पुराना होने पर ताज़ा दिखाने के लिए कई बार उस पर अमोनिया और अन्य केमिकल का छिड़काव किया जाता है। ऐसे आलू न केवल स्वाद बिगाड़ते हैं बल्कि सेहत पर भी बुरा असर डालते हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान ट्रिक अपनाकर आप घर पर ही पहचान सकते हैं कि आलू प्राकृतिक है या केमिकल वाला।

आलू भारत की सबसे ज्यादा खाई जाने वाली सब्जियों में से एक है। फसल खराब होने या लंबे समय तक स्टोर करने पर कई बार कारोबारी इन्हें ताज़ा दिखाने के लिए केमिकल का सहारा लेते हैं। ऐसे आलू में नमी और स्वाद तो कम होता ही है, साथ ही सेहत को भी खतरा होता है। रिसर्च बताती है कि अमोनिया या अन्य रसायनों से पके या चमकाए गए आलू का लंबे समय तक सेवन गैस्ट्रिक समस्या, पेट दर्द और पाचन से जुड़ी दिक्कतें पैदा कर सकता है।

1. गंध से पहचानें आलू में केमिकल

सबसे आसान तरीका है सूंघकर पहचानना। अगर आलू से तेज़ या अजीब-सी अमोनिया जैसी गंध आती है, तो यह साफ संकेत है कि उस पर केमिकल का इस्तेमाल हुआ है। ताज़ा आलू में मिट्टी या हल्की-सी कच्ची खुशबू आती है, जो बिल्कुल नैचुरल होती है।

2. छिलके के रंग और बनावट पर गौर करें

केमिकल से चमकाए गए आलू का छिलका अक्सर ज्यादा चिकना और अस्वाभाविक रूप से चमकदार दिखता है। ऐसे आलू का छिलका हल्का छूने पर भी निकल सकता है। वहीं नैचुरल आलू का छिलका खुरदुरा और थोड़ा दाग-धब्बों वाला होता है।

3. पानी में डालकर करें टेस्ट

यह एक बेहद आसान घरेलू उपाय है। आलू को पानी की बाल्टी में डालें। अगर आलू हल्का होकर ऊपर तैरने लगे, तो संभव है कि उसमें केमिकल का असर हो। नैचुरल आलू अपनी घनत्व के कारण पानी में डूब जाता है।

4. काटने पर पहचानें असली-नकली आलू

आलू को बीच से काटकर देखें। अगर अंदर से आलू ज्यादा सफेद और असामान्य रूप से चमकदार लगे, तो सावधान हो जाएं। केमिकल वाले आलू में अंदर से बदबू आ सकती है और कटने के बाद रंग जल्दी बदल सकता है। जबकि ताज़ा आलू का रंग हल्का पीला और स्वाद प्राकृतिक होता है।

सेहत पर असर और सावधानियां

विशेषज्ञों का मानना है कि केमिकल वाले आलू का लगातार सेवन पाचन तंत्र को कमजोर करता है और बच्चों व बुजुर्गों के लिए खासतौर पर हानिकारक हो सकता है। आलू खरीदते समय हमेशा छोटे और मध्यम आकार के आलू लें। बहुत ज्यादा बड़े और चमकदार आलू से बचें। खरीदने के बाद आलू को घर पर अच्छी तरह धोकर और सुखाकर ही इस्तेमाल करें।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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