
Psychological facts related to friendship : हमारे जीवन में कई तरह के रिश्ते होते हैं। हमारे माता पिता, भाई बहन के साथ दादा दादी, नाना नानी, चाचा, बुआ, मौसी, मामा मामी जैसे कई रिश्ते हमें जन्म के साथ ही मिल जाते हैं। शादी के बाद इनमें और विस्तार होता है। लेकिन एक रिश्ता ऐसा है जो हम खुद चुनते हैं..वो है दोस्ती का। हमारे जीवन में दोस्तों का चुनाव हम अपनी पसंद के मुताबिक करते हैं। अच्छे दोस्त का होना बहुत जरुरी है क्योंकि दोस्ती हमें और समृद्ध करती है। दोस्ती को लेकर तमाम कहानियां लिखी गई हैं, फिल्में भी बनी हैं। वहीं मनोविज्ञान में भी दोस्ती पर कई तरह के शोध हुए हैं और बड़े ही रोचक तथ्य निकलकर सामने आए हैं। आज हम दोस्ती से जुड़े ऐसे ही कुछ तथ्य आपके साथ साझा कर रह हैं।
दोस्ती से जुड़े मनोवैज्ञानिक तथ्य
- दोस्तों का एक समूह आपके स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए अच्छा है। यह कई तरह से लाभप्रद होता है जैसे आपके आत्मविश्वास में सुधार करता है और अपनेपन की भावना को बढ़ाता है। दोस्त आपकी खुशी को बढ़ाते हैं, रोजमर्रा की जिंदगी के तनाव को कम करते हैं और अवसाद से उबरने में आपकी मदद करते हैं।
- जब किसी बड़ी बीमारी का सामना करना पड़ता है, तो जिन लोगों के पास मजबूत दोस्त होते हैं, उनके जीवित रहने की संभावना अधिक होती है। एक शोध में ये बात भी सामने आई है कि जिन लोगों के पास दोस्तों का अच्छा समूह होता है वे अधिक समय तक जीवित रहते हैं।
- दोस्तों के समूह के साथ बाहर घूमने से आप अधिक आकर्षक दिखते हैं। इस टर्म को चीयरलीडर इफेक्ट के रूप में जाना जाता है, और यह उस बारे में वर्णन करता है जहां लोगों के चेहरे तब अधिक आकर्षक लगते हैं जब वे अन्य चेहरों के साथ होते हैं। बजाय इसके कि जब वे अलग-थलग देखे जाते हैं।
- एक अनुसान के मुताबिक हम अपने जीवनकाल में लगभग 396 दोस्त बनाते हैं। हालाँकि, उनमें से केवल कुछ ही जीवनभर टिकते हैं।
- अगर आपकी दोस्ती किसी के साथ 7 साल तक टिक गई तो इस बात की संभावना है कि फिर वो जीवनभर चलेगी।
- जिन महिलाओं क पुरुष मित्र संख्या में अधिक होते हैं, वे ज्यादा खुशमिजाज, स्वस्थ और लंबे समय तक जीने वाली होती हैं।
-
बुद्धिमान लोगों के पास औसत व्यक्ति की तुलना में कम दोस्त होते हैं। जो व्यक्ति जितना समझदार होगा, दोस्तों को लेकर वो उतना ही चयनात्मक होगा।
(डिस्क्लेमर : ये लेख विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त जानकारियों पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।)
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

