Relationship Tips : इस रोमांटिक अंदाज से पार्टनर को कहें गुडमार्निंग, हर सुबह होगी खास।

Relationship Tips : इस रोमांटिक अंदाज से पार्टनर को कहें गुडमार्निंग, हर सुबह होगी खास।

जीवनशैली, डेस्क रिपोर्ट। अपने पार्टनर के साथ दिन की शुरूआत कुछ इस अंदाज में करिए कि हर दिन उसके लिए बन जाए कुछ खास। अक्सर रिलेशनशिप (Relationship) की बातें होती हैं तो वो एक दूसरे के साथ गुजारे पल और रोमांटिक रातों की बात पर खत्म हो जाती है, पर क्या आपको पता है सुबह की शुरूआत का भी उतना ही खुशनुमा होना जरूरी है। आपका पार्टनर आपके साथ हो या दूर हो सुबह को स्पेशल बनाना बहुत जरूरी रहता है। थोड़ी सी केयरिंग और कुछ प्यार भरे अल्फाज आपके पूरे दिन को बहुत खास और एनर्जेटिक सकते हैं, इसलिए सुबह जब उन्हें गुडमॉर्निंग कहें तो अंदाज कुछ ऐसा हो कि सिर्फ मॉर्निंग ही नहीं पूरा दिन ही गुड बन जाए।

एक प्याली चाय बात बनाए…

सुबह की शुरूआत अगर चाय के साथ करते हैं तो आदत डालें कि दोनों साथ में ये चाय पिएं, कभी अपनी गैलेरी में बैठकर खुली हवा को महसूस करते हुए कभी सर्दियों की गुलाबी ठंड के बीच रजाई में दुबके हुए। सुबह सुबह चाय की चुस्कियों के साथ सिर्फ हल्की फुल्की बाते हों तो समय अच्छा गुजरता है। किसी गंभीर विषय पर चर्चा के लिए ये समय मुफीद नहीं है। कोशिश करें ये वक्त सिर्फ आप दोनों के बीच सिमटा रहे ताकि दिनभर एक दूसरे से बात करने का वक्त ना भी मिले तो कमी महसूस न हो।

मॉर्निंग किस का कमाल

चाय से भी पहले अगर मॉर्निंग किस के साथ गुड मॉर्निंग हो तो बात ही कुछ और है। ये स्पर्श ये जताने के लिए काफी है कि आपकी केयर करने वाला आपके आसपास ही है। दिन की शुरूआत अगर इतनी रोमांटिक होगी तो पूरा दिन भी बेहद हसीन गुजरेगा।

मनपसंद नाश्ता

ये रोज रोज संभव नहीं पर, कुछ खास दिन आप उनका फेवरेट नाश्ता ही बनाएं। कभी पति जल्दी उठकर पत्नी की पसंदीदा डिश तैयार करे और कभी पत्नी अपनी कुकिंग स्किल्स से पति को सरप्राइज करे। इस छोटी सी कोशिश से सुबह होगी मीठी मीठी और दिन होगा खुशगवार।

दूर हों तो करें ये काम

कोई सुबह ऐसी भी हो सकती है जब कोई एक पार्टनर किसी काम के चलते घर से दूर हो। जाहिर सी बात है घर से दूर होंगे तो सुबह की शुरूआत अलग अलग होगी, ये भी जरूरी नहीं कि शुरूआत एक ही साथ हो। पर जब भी दोनों उठें एक दूसरे को गुड मॉर्निंग विश करना न भूलें। सिर्फ इतना ही काफी नहीं, जो पार्टनर घर से दूर है उससे जरूर पूछें कि उसका दिनभर का शेड्यूल क्या है? वो कहां खाना खाएगा? कैसे वक्त गुजारेगा? ये सवाल आपकी केयरिंग शो करते हैं और प्यार भी बढ़ाते हैं।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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