
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कई बार रिलेशनशिप (relationship) में कुछ ऐसे मौके आते हैं जब जाने-अनजाने कुछ ऐसी स्थिति बन जाती है कि किसी से कुछ कहते नहीं बनता। न तो ये कोई बड़ी लड़ाई होती है कि आपस में नाराजगी बनी रहे, न ही नॉर्मल हालात होते हैं। ऐसे में क्या कहें..जिससे आइस ब्रेक हो, आखिर कैसे इस तनाव वाली स्थिति से उबरे ये बड़ा सवाल होता है। आज हम कुछ ऐसे ही जरुरी टिप्स बताने जा रहे हैं, जो आपको इन वियर्ड सिचुएशन से उबारने में मदद करेंगे।
Relationship tips : क्या आपके रिश्ते में चल रहा है ब्लेम गेम, खुद को बेकार गिल्ट से बचाइये
- जब आपको नहीं पता कि संवाद का सिरा कहां से शुरू करना है तो सबसे अच्छा तरीका है सामने वाले को उसके नाम से पुकारिये। अपने पार्टनर से अपना नाम सुनना हमेशा अच्छा फील कराता है। अगर आप सामने से नहीं कह पा रहे तो एक मैसेज में सिर्फ उनका नाम लिखकर भेज दीजिए।
- उन्हें टेक्स्ट में सिर्फ ये लिखकर भेज दीजिए..आई केयर फॉर यू। ये बात कभी कभी आई लव यू से ज्यादा जरुरी होती है।
- एक स्पर्श हजार शब्दों पर भारी है। उनका हाथ पकड़ लीजिए, माथे पर किस कीजिए, कंधे पर सिर टिका लीजिए या फिर गले लगा लीजिए। इससे बड़ी से बड़ी नाराजगी पिघल जाती है।
- अपने साथी के लिए उनकी पसंद का खाना बनाकर पैक करे। टिफिन में लंच के साथ एक छोटी सी स्लिप डाल दें…इसमें आप अपने मन की कोई भी बात लिख सकते हैं।
- अगर उनके ऑफिस में आपका भी कोई कॉमन फ्रेंड है तो उससे कहकर उनकी डेस्क पर फूल रखवा दें। फूल हर स्थिति को बेहतर करने का माद्दा रखते हैं।
- माहौल को सामान्य करने के लिए खुशबू बहुत असर करती है। उनकी पसंद का परफ्यूम लगाइये। घर में थोड़ा सा रूम फ्रेगरेंस छिड़किये या फिर खुशबूदार कैंडल जलाइये।
- अपने साथी को बताइये कि वो आपके लिए कितना महत्वपूर्ण है। इसे व्यक्त करने के लिए आप अपनी तरह से कोई भी जरिया ढूंढ सकते हैं।
- अगर सामने वाला कोशिश करे माहौल सामान्य करने की तो उनकी मदद कीजिए। टेंशन दूर करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहिए। वो अगर बात कर रहे हैं या मैसेज भेज रहे है तो उसका ठीक से जवाब दीजिए।
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →

