माथे पर हल्दी का तिलक लगाने के होते हैं अनेक फायदे, मिलती है सफलता, जाने मायने और फायदे 

माथे पर हल्दी का तिलक लगाने के होते हैं अनेक फायदे, मिलती है सफलता, जाने मायने और फायदे 

जीवनशैली, डेस्क रिपोर्ट। Haldi Tilak Benefits:- हिन्दू धर्म में तिलक का बहुत महत्व होता है। पुराने जमाने में युद्ध हो या फिर कोई त्योहार तिलक के बिना कोई भी काम सफल नहीं माना जाता है। लेकिन कभी आपने सोचा है आखिर क्यों तिलक लगाया जाता है? कई प्रकार के तिलक लगाए जाते हैं, जिसमें से हल्दी बहुत खास माना जाता है। ज्योतिष के मुताबिक हल्दी बृहस्पति का प्रतीक होता है। हल्दी का रंग पीला होता है, जो हिन्दू धर्म में बहुत शुभ माना जाता है।

हल्दी तिलक के क्या हैं मायने

जैसे की हल्दी बृहस्पति का कारक होता और कुंडली में बृहस्पति ग्रह के संचालन के लिए हल्दी का तिलक लगाया जाता है । कुंडली में बृहस्पति अच्छा होने से भाग्य अच्छा होता है। किसी भी शुभ कार्य के समय हल्दी का तिलक लगाने से कार्य सफल होता है। हल्दी को माथे पर लगाने से बृहस्पति की बुरी दशा भी अच्छी हो जाती है।

यह भी पढ़े… MP के इस गाँव में हुई थी पंचायत 2 की शूटिंग, प्रदेश के इस जिले में बसा है यह गाँव, जाने यहाँ

हल्दी तिलक के फायदे

यदि माथे के बीच तिलक लगाने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। क्योंकि दोनों आँखों के बीच की जगह ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। इसलिए ना सिर्फ हल्दी बल्कि केसर, सिंदूर और रोली का तिलक भी इसी स्थान पर लगाया जाता है। ताकि पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार अच्छे से हो।

Disclaimer: यह खबर मान्यताओं और पुराणो पर आधारित है, इसका उद्देश्य भ्रम फैलाना नहीं है। कोई भी कदम उठाने से पहले विद्वानों की सलाह जरूर लें।  

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews