Psychological facts : पिता के दिमाग में बेटे और बेटी को लेकर होती है अलग प्रतिक्रिया, जानिए, हैरान कर देंगे ये मनोवैज्ञानिक तथ्य

Psychological Facts

Psychological Facts : मनोविज्ञान मानव मन और व्यवहार के वैज्ञानिक अध्ययन का क्षेत्र है। यह विभिन्न मानवीय व्यवहारों, मानसिक प्रक्रियाओं, व्यक्तित्व, भावनाओं, विचारों और सोच के अध्ययन के माध्यम से मानव मन को समझने का प्रयास करता है। लंबे समय तक अलग अलग विषयों पर इस क्षेत्र में कई अध्ययन किए गए हैं। ये मनोवैज्ञानिक तथ्य विभिन्न मानव व्यवहार और मानसिक प्रक्रियाओं के आधार पर विज्ञानिक अध्ययन और अनुसंधान से प्राप्त किए जाने वाले तथ्य होते हैं। इनमें मानव मनोविज्ञान, मनोवैज्ञानिक प्रक्रियाएं, मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, भावनाएं, विचार, अनुभव, और समाजी संबंधों के संबंध में जानकारी शामिल होती है। ये तथ्य हमें मानव व्यवहार के पेशेवर और व्यक्तिगत आयामों को समझने में मदद करते हैं। आज हम ऐसे ही कुछ तथ्य आपके साथ साझा कर रहे हैं।

मनोवैज्ञानिक तथ्य

  1. अस्वीकृति वास्तन में आपको पीड़ा पहुँचाती है। Neuroimaging अध्ययनों के अनुसार सामाजिक और शारीरिक रूप से दर्दनाक अनुभवों के दौरान मस्तिष्क के वही क्षेत्र सक्रिय हो जाते हैं जैसे कि शारीरिक पीड़ा के समय होते है। परिणामस्वरूप समान रूप से दर्दनाक अनुभव होते हैं।
  2. गर्भावस्था के दौरान तनाव महिला के दिमाग को बदल देता है। गर्भावस्था के दौरान शिशुओं का मस्तिष्क उनकी माँ के अनुभवों से आकार ले सकता है। हार्मोनल नमूनों के साथ न्यूरोइमेजिंग (neuroimaging) के संयोजन से किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जो महिलाएं तनाव का अनुभव कर रही थीं उनके बच्चों के मस्तिष्क की संरचना स्वस्थ बच्चों की तुलना में अलग थी, खासकर भावनात्मक उत्तरों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में, जिससे उन्हें बाद के जीवन में भावनात्मक समस्याएं होने की अधिक संभावना होती है।
  3. अगर कोई ये कहे कि हमारा व्यवहार बुरा है तो ये सुनकर हम उसे नहीं बदलते। उदाहरण के लिए अगर आप किसी को को कूड़ा-कचरा फैलाने जैसे काम बंद करने के लिए मनाना चाहते हैं तो मनोवैज्ञानिक आपको सलाह देते हैं कि अपने संदेश के सकारात्मक परिणाम पर ध्यान केंद्रित करें। जैसे कि उन्हें कहें ‘यहां रहने वाले लगभग सभी लोग अपना कचरा कूड़े की पेटी में डालते हैं, बजाय इसके कि आप खुले में कचरा फैलाना बंद करें।’ इस प्रकार उचित व्यवहार को सामाजिक आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है और लोग अनजाने में इसका पालन करने के लिए इच्छुक हो जाते हैं।
  4. पिता का दिमाग बेटियों और बेटों के प्रति अलग-अलग प्रतिक्रिया करता है। वे बेटियों और बेटों के साथ अलग-अलग व्यवहार करते हैं। पिता अपनी बेटियों की जरूरतों के प्रति अधिक चौकस और उत्तरदायी होते हैं, उनके लिए अधिक बात करते हैं और उनके प्रति अपनी भावनाओं के बारे में अधिक खुलकर बताते हैं। बिहेवियरल न्यूरोसाइंस (Behavioral Neuroscience) में प्रकाशित अध्ययन ने इस व्यवहार के लिए तंत्रिका पृष्ठभूमि का पता लगाया जिसमें ये बात सामने आई कि पिता को अपनी बेटियों के चेहरे के खुश भाव देखने से प्रसन्नता होती है। इससे भावनात्मक विनियमन और चेहरे के भावों में शामिल मस्तिष्क क्षेत्रों उच्च सक्रियता पाई गई।
  5. विभिन्न संस्कृतियों के लोग जानकारी को अलग-अलग तरीके से संसाधित करते हैं। कई अध्ययनों में यह दिखाया गया है कि जब कोई दृश्य देखा जाता है, तो अधिकांश अमेरिकी सबसे प्रमुख अभिनय पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन अधिकांश पूर्व-एशियाई लोग पृष्ठभूमि और संदर्भ पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इससे पता चलता है कि धारणा की शुरुआत से ही हममें से पूर्व-एशियाई संस्कृतियों के व्यक्ति लोगों और वस्तुओं को उनके पर्यावरण और वातावरण के संबंध में अधिक देखते हैं।

(डिस्क्लेमर : ये लेख विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त जानकारियों पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।)

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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