
मनुष्य को जीवित रहने के लिए विटामिन सहित जरूरी पोषक तत्व आवश्यक होते हैं। वर्तमान की जीवन शैली को देखते हुए ऐसा लगता है कि उन्हें इन सभी चीजों के लिए या फिर अपने शरीर को फिट रखने के लिए दवाइयों का सहारा लेना पड़ रहा है। हालांकि, यह तो हम सभी जानते हैं कि शरीर में विटामिन डी की कमी से कई तरह की परेशानियां होती हैं, जैसे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, यानी इम्युनिटी पावर कमजोर हो जाता है। इसके अलावा, इंसान डिप्रेशन, स्ट्रेस आदि का शिकार हो जाता है। यदि विटामिन डी भरपूर मात्रा में शरीर को मिले, तो बहुत सारी बीमारियों से बचा जा सकता है। बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल में सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। शरीर में थकावट आने के साथ-साथ चेहरे पर भी बहुत सारी परेशानियां देखने को मिलती हैं, जिसमें सनबर्न, टैनिंग जैसी समस्याएं आम बात है।
आजकल लोग इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में इतनी ज्यादा व्यस्त हो गए हैं कि उन्हें खुद के लिए टाइम नहीं रहता। ऐसे में अगर टाइम मिलता भी है, तो वह खुद को घर में ही रखना पसंद करते हैं, जिस कारण विटामिन बी12 की कमी होने लगती है।
विटामिन होता है जरूरी
शरीर को सही फंक्शन करने के लिए विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। ये छोटे-छोटे पोषक तत्व हमारे ब्लड, नर्वस सिस्टम, मसल्स और मस्तिष्क को सही ढंग से काम करने में मदद करते हैं। उनमें से एक बेहद जरूरी विटामिन बी12 जरूरी है। यह विटामिन एनर्जी लेवल को बराबर रखता है। साथ ही नसों और दिमाग के लिए भी जरूरी है। इसके बिना शरीर के कई सिस्टम धीरे-धीरे डैमेज हो सकते हैं और शुरुआती लक्षण अक्सर अनदेखा रह जाते हैं। विटामिन की कमी के संकेतों को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।
जानें लक्षण
- सबसे पहला लक्षण हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन है। अगर आपको लगता है कि बस हाथ-पैर थक गए हैं और आराम से ठीक हो जाएंगे, तो यह ध्यान देने वाली बात है। विटामिन बी12 माइलिन शीथ बनाने में मदद करता है, जो नसों के चारों ओर एक प्रोटेक्टिव लेयर की तरह काम करती है। जब यह विटामिन कम हो जाता है, तो यह परत कमजोर होने लगती है और नर्व्स सही से काम नहीं कर पातीं। इससे हाथ-पैरों में सुई चुभने जैसी झनझनाहट, जलन और सुन्नपन जैसी दिक्कत हुई।
- दूसरा संकेत लगातार थकान और कमजोरी है। भले ही आपने पूरी नींद ली हो, लेकिन शरीर में ऑक्सीजन की कमी सुस्त और कमजोरी महसूस करवा सकती है। दरअसल, बी12 की कमी से रेड ब्लड सेल्स का निर्माण रुक जाता है। रेड ब्लड सेल्स शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करती हैं। जब ऑक्सीजन पूरे शरीर में नहीं पहुंच पाती, तो मांसपेशियों में कमजोरी, थकान और काम करने की क्षमता में कमी दिखने लगती है। चलने-फिरने में दिक्कत और बैलेंस बिगड़ने लगता है। नसों पर असर पड़ने से शरीर का कॉर्डिनेशन भी प्रभावित करता है।
- अगर आपकी याददाश्त कमजोर हो रही है, फोकस में कमी आ रही है या बार-बार आप खुद को कन्फ्यूज महसूस कर रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज मत करो। कई लोग इसे उम्र बढ़ने या डिमेंशिया समझ बैठते हैं, लेकिन असली कारण विटामिन बी12 की कमी भी हो सकता है। लंबे समय तक इसकी कमी रहने से दिमाग की सेहत पर बड़ा असर पड़ता है और सोचने-समझने की क्षमता कमजोर हो जाती है।
- मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा बड़ा लक्षण चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन है। जब नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है, तो दिमाग में सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे हैप्पी हार्मोन्स का उत्पादन प्रभावित हो जाता है। मूड स्विंग, अचानक गुस्सा, उदासी और कभी-कभी डिप्रेशन है। अगर अचानक से आपका मूड लगातार गिरने लगे, तो इसे हल्के में मत लिजिए।
(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

