
Wedding Rituals : हिंदू धर्म में 16 संस्कार होते हैं। जिनमें शादी भी शामिल है। इसमें दो लोगों का रिश्ता आपस में जुड़ता है। उनके साथ-साथ दो परिवारों का भी मिलन होता है। इस दौरान लोग तरह-तरह की रस्में निभाते हैं। विवाह वंश बढ़ाने का एक जरिया भी होता है। शादी के बाद पति-पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का पवित्र बंधन माना जाता है, जब दो आत्माओं का मिलन होता है। हिंदू धर्म में शादी का काफी ज्यादा महत्व होता है। सभी समुदाय और क्षेत्र के लोग अपने रिचुअल्स के हिसाब से शादी करते हैं। यह पूरे तीन से चार दिनों का फंक्शन होता है।
हर राज्य में विवाह को लेकर अलग-अलग परंपराएं हैं, लेकिन कुछ रिवाज सभी जगह पर समान है। जैसे सिंदूरदान, कन्यादान, बेटी की विदाई, आदि। इन रस्मों में जयमाला की रस्म भी शामिल है। जब वर और वधू एक-दूसरे को जयमाला पहनाते हैं।
त्रेता युग में हुई शुरूआत
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जयमाला की शुरुआत त्रेता युग से मानी जाती है। जब प्रभु श्री राम ने माता सीता के स्वयंवर में भगवान श्री के धनुष को तोड़ा था और माता सीता के गले में वरमाला पहनाई थी। तब से ही शादी में इस रस्म को अवश्य निभाया जाता है। इससे पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम बढ़ता है।
अन्य पौराणिक कथा
वहीं, एक अन्य पौराणिक कथा में जगत पालनहार श्री हरी और माता लक्ष्मी का जिक्र भी पाया जाता है। दरअसल, भगवान विष्णु संसार के संचालन में अत्यधिक व्यस्त थे, तब माता लक्ष्मी उनसे नाराज होकर समुद्र में समाहित हो गईं। मां लक्ष्मी को वापस पाने के लिए श्री हरि ने समुद्र मंथन करवाया। इस दौरान धन की देवी लक्ष्मी अपने हाथ में फूलों की माला लेकर अवतरित हुईं और वहां उपस्थित समस्त देवी-देवतागणों के सामने उन्होंने भगवान विष्णु को माला पहनाईं थी।
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

