World Wetlands Day 2023 : जानिये क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड वेटलैंड्स डे, इसका महत्व और आवश्यकता

World Wetlands Day 2023 : जानिये क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड वेटलैंड्स डे, इसका महत्व और आवश्यकता

World Wetlands Day 2023 : आज वर्ल्ड वेटलैंड्स डे है। दुनियाभर में हर साल 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है। वेटलैंड्स पानी वाले वो स्थान हैं जो जैव विविधता को समृद्ध करते हैं। मानव सभ्यता को समृद्ध करने में इनका प्रमुख योगदान है। हमने देखा है कि हमेशा पानी के किनारे लोगों की बसाहट होती है क्योंकि जीवन के लिए जल प्राथमिक आवश्यकताओं में है। वेटलैंड्स तीन प्रकार के होते हैं- तटीय, अंतर्देशीय और मानव निर्मित। इनके नष्ट होने से मनुष्य, अन्य जीवों और वनस्पतियों पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है और इसीलिए इसके प्रति जागरूकता लाने के लिए ये दिन मनाया जाता है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस दिन की शुभकामनाएं देते हुए इनके सरंक्षण में सहभागी बनने का आह्वान किया है।

क्या है वेटलैंड्स 

नमभूमि या आर्द्रभूमि का तात्पर्य उस स्थान से है जहां सालभर या फिर किसी विशेष मौसम में पानी मौजूद रहता है। अपने आसपास के छोटे-बड़े तालाब, झील, नदी, पोखर, दलदल को इनकी शक्ल में देखा जा सकता है। वेटलैंड एक विशिष्ट प्रकार का पारिस्थितिकीय तंत्र है और ये जैवविविधता के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ये भूमि और जल क्षेत्र का मिलन स्थल है और इी कारण यहां विभिन्न वनस्पतियां और वन्य प्राणियों की प्रजातियां पाई जाती हैं। वेटलैंड्स की स्थिति खराब होने का असर इन वनस्पतियों और जीवों पर पड़ता है और इसके प्रकृति का संतुलन गड़बड़ाता है।

इस दिन का महत्व

दुनियाभर में नदियों, झीलों और तालाबों की खराब स्थिति को देखकर विश्व स्तर पर इसे लेकर चर्चा हुई और चिंता जताई गई। इस समस्या को दूर करने के लिए तय किया गया कि वेटलैंड्स का संरक्षण करना और इसके प्रति जागरूकता लाना आवश्यक है। इसके बाद  2 फरवरी 1971 में ईरान के रामसर में दुनियाभर के देश जुटे और इसे लेकर सहमति बनी। साल 1975 में इस कन्वेंशन को लागू किया गया और पहली बार 2 फरवरी 1997 को वर्ल्ड वेटलैंड्स डे मनाया गया। भारत ने इस संधि पर 1 फरवरी 1982 को हस्ताक्षर किए थे। वेटलैंड्स हमारे उपयोग लायक पानी का एक बड़ा स्रोत हैं। इनके कारण ही मानव-समाज और प्रकृति में संतुलन व्याप्त है इसीलिए हमारी जिम्मेदारी है कि इन्हें सहेजकर रखें।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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