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बरगी बांध हादसे में लापता लोगों की तलाश के लिए सर्चिंग ऑपरेशन जारी, तेज हवा और लहरें बन रही बाधा

Written by:Diksha Bhanupriy
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बरगी बांध हादसे में लापता लोगों की तलाश लगातार की जा रही है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शव एयरलिफ्ट कर भेजे जाएंगे।
बरगी बांध हादसे में लापता लोगों की तलाश के लिए सर्चिंग ऑपरेशन जारी, तेज हवा और लहरें बन रही बाधा

बरगी बांध में हुए हादसे के बाद पुलिस प्रशासन का सर्चिंग ऑपरेशन लगातार जारी है। अभी भी चार लोग लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए शनिवार के सुबह 7 बजे एक बार फिर से सर्चिंग शुरू कर दी गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम बोट की सहायता से सर्चिंग कर रही है। हालांकि तेज हवाओं की वजह से डैम में लहरें उठ रही है जिसकी वजह से रेस्क्यू में समस्या आ रही है।

सर्चिंग ऑपरेशन के लिए मौके पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद हैं। लापता शवों की तलाश के लिए दायरा बढ़ाया गया है। सर्चिंग को बीच-बीच में रोकना पड़ रहा है क्योंकि तेज हवाओं के कारण छोटी बोट से संभलकर काम करना पड़ रहा है।

अभी भी लापता हैं शव

बता दें कि गुरुवार को हुए इस हाथ से में निर्माणी खमरिया में काम लेने वाले कामराज सहित परिवार के तीन सदस्य लापता है। जब हादसा हुआ तब उनका 10 साल का बेटा लहरों के साथ किनारे पर आ गया था जिसे वहां मौजूद जल निगम के कर्मचारियों ने बचा लिया था। कामराज के परिजनों में से दो की बॉडी मिल चुकी है जबकि तीन अभी भी लापता हैं। जिला प्रशासन की मदद से दोनों शब्दों और परिजनों को एयरलिफ्ट करते हुए तमिलनाडु भेजा जा रहा है।

चेतावनी के बाद माना प्रशासन

कामराज राजू के परिवार के दो मृतक सदस्यों का शव मिल गया है और उन्हें तमिलनाडु के त्रिचि जिले में भेजा जाने वाला है। जब शवों को ले जाने की बात आई तो प्रशासन में हाथ खड़े कर दिए थे जिसका कामराज के साथियों ने विरोध किया और चेतावनी दी कि शनिवार की सुबह शवों को फैक्ट्री के सामने रखकर प्रदर्शन किया जाएगा। इस चेतावनी के बाद प्रशासन में उनकी मांगों को मानते हुए शनिवार दोपहर को एयरलिफ्ट के जरिए परिजनों और दोनों शवों को कोयंबटूर से त्रिचि पहुंचाने की हामी भरी है।

लोगों का क्या कहना

इस मामले में कामराज राजू के साथियों का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव परिवार से मिलने के लिए पहुंचे थे और उन्होंने हर तरह से इस दुख की घड़ी में उनकी मदद करने का आश्वासन दिया था। यह जानकारी सामने आई थी कि प्रशासन शवों के साथ परिवार के एक व्यक्ति को जाने देगा और बाकी लोगों को स्वयं टिकट करवानी होगी। लोगों का कहना है कि जब मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर मदद करने का आश्वासन दिया है तो प्रशासनिक अधिकारी इस तरह की बात क्यों बोल रहे हैं। बॉडी डिकम्पोज होना शुरू हो गई है और परिवार के पास इतने पैसे नहीं है कि वह अपनी तरफ से एयरलिफ्ट कर जा सके। लेकिन बाद में एसडीएम रांची ने परिवार से संपर्क कर की आश्वासन दिया है कि प्रशासन की ओर से शवों के साथ परिजनों को भी फ्लाइट से तमिलनाडु भिजवाया जाएगा।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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