कोरोना के चलते अप्रभावी हुई बेसिक पुलिसिंग शीघ्र होगी प्रभावी, अपराधियों का डाटा बैंक भी होगा अपडेट

कोरोना के चलते अप्रभावी हुई बेसिक पुलिसिंग शीघ्र होगी प्रभावी, अपराधियों का डाटा बैंक भी होगा अपडेट

डबरा। सलिल श्रीवास्तव

कोरोना के चलते लॉकडाउन पीरियड में पुलिस द्वारा कोरोना वॉरियर्स की भूमिका अदा करते हुए विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी निभाई है। जिसके चलते पुलिस लगातार व्यस्त रही, लेकिन अनलॉक वन के साथ क्राइम के मामले भी तेजी से बढऩा शुरू हो चुके हैं। ग्वालियर संभाग में भी लूट, डकैती, हत्या, बलात्कार जैसे सघन अपराधों में तेजी से हुई वृद्धि के बाद ग्वालियर रेंज के आईजी एवं एडीजीपी राजा बाबू सिंह द्वारा अपराधियों की धरपकड़ करने के साथ ही पुलिस के डाटा बैंक को अपडेट करने का निर्देश जारी किया गया है।

आईजी राजा बाबू सिंह का कहना है कि कोविड-19 के चलते पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के अतिरिक्त कार्यों में लगाए जाने के कारण बेसिक पुलिसिंग काफी प्रभावित हुई, जिसके चलते क्राइम के मामलों में भी तेजी देखी गई है। यही वजह है कि अब अनलॉक होने के साथ जोन के सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किया गया है कि वह संपत्ति एवं ठगी मामलों के आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाये। साथ ही अन्य वारदातों के अपराधियों को भी ट्रेस करने के लिए मजबूत डाटा बैंक तैयार करें ताकि सभी वारदातों के खुलासों के साथ आरोपियों को पकड़ा जा सके।

गौरतलब है कि अनलॉक 1 के साथ अकेले ग्वालियर जिले में बीते 15 दिनों में 50 से ज्यादा बड़े अपराध घटित हुए हैं जिनमें से महज 5 मामलों में ही पुलिस को खुलासा कर अपराधी पकडऩे में सफलता हासिल हुई है। कुछ ऐसा ही हाल ग्वालियर संभाग के अन्य जिलों का भी है। यही वजह है कि एडीजीपी राजा बाबू सिंह द्वारा बेसिक पुलिसिंग को फिर से प्रभावी करते हुए अपराधों पर रोकथाम लगाने का सख्ती के साथ निर्देश जारी किया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews