भाजपा नेता ने सिंधिया को लिखा पत्र, गुलामी की इस निशानी को हटाने की अपील

भाजपा नेता ने सिंधिया को लिखा पत्र, गुलामी की इस निशानी को हटाने की अपील

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) के केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री (minister of civil aviation) बनने के बाद से मध्यप्रदेश (mp ) के लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं और सिंधिया भी उस उम्मीद को पूरा भी कर रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने ग्वालियर और सहित मध्यप्रदेश के अन्य शहरों से हवाई सेवाएं शुरू कर बड़े शहरों से कनेक्टिविटी करवाई।  अब भारतीय जनता पार्टी (BJP)  के ग्वालियर महानगर अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया का ध्यान गुलामी के उस चिन्ह की तरफ दिलाया है जो पिछले 92 साल से प्रयोग किया जा रहा है। भाजपा नेता ने केंद्रीय मंत्री से गुलामी की इस निशानी को हटाने की अपील की है।

भारतीय जनता पार्टी के ग्वालियर महानगर अध्यक्ष कमल माखीजानी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर एक मांग की है। भाजपा नेता ने पत्र में सिंधिया से मांग की है कि हवाई जहाजों के विंग्स और बॉडी पर अब VT के स्थान पर IND लिखा जाना चाहिए।

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भाजपा जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी ने कहा है कि भारत के किसी भी हवाई जहाज का नाम VT से शुरू होता है ऐसा कर हम बड़ी शान से दुनिया को बता रहे हैं कि भारत आज भी गुलामी के समय मिले दो अक्षरों VT (viceroy territory) को पिछले 92 वर्षों से ढो रहा है। उन्होंने लिखा कि 1929 में VT कोड तब मिला था जब बभारत अंग्रेजों का गुलाम था लेकिन आजादी के इतने वर्षों बाद भी भारत गुलामी के इन दो अक्षरों को बदल नहीं पाया है।

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भाजपा जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी ने केंद्रीय  मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से अपील की है कि भारत के हवाई जहाजों के विंग्स और बॉडी पर लिखे जाने वाले गुलामी के प्रतीक दो अक्षर VT के हटाकर उसके स्थान पर IND लिखा जाये अउ रुसे से भारत के किसी भी हवाई जहाज का नाम शुरू हो।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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