भैंस ने किया नई सड़क पर गोबर तो भड़के कमिश्नर, ठोका 10,000 का जुर्माना  

भैंस ने किया नई सड़क पर गोबर तो भड़के कमिश्नर, ठोका 10,000 का जुर्माना  

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मिलावटखोरों (Adulterants) और गैरकानूनी (Illegal) काम करने वालों के खिलाफ तो जुर्माने (Fine) की कार्रवाई आपने सुनीं होगी  लेकिन ग्वालियर में जुर्माने का एक अलग मामला सामने आया है।  यहाँ नगर निगम कमिश्नर (Municipal Commissioner) ने एक भैंस के सड़क पर गोबर करने की सजा उसके मालिक को सुनाई है।  कमिश्नर केआदेश पर भैंस डेयरी संचालक पर नगर निगम ने 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

दरअसल मामला सचिन तेंदुलकर मार्ग (Sachin Tendulkar Road) का है। इस क्षेत्र में इस समय सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। लगभग आधी सड़क बन चुकी है जिसका निरीक्षण करने जब नगर निगम कमिश्नर संदीप माकिन (Sandeep Makin) अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे उसी समय वहां कुछ भैंसे (Buffalo) आ गयीं, इन्हीं भैंसों में से एक भैंस ने चमचमाती सड़क पर गोबर कर दिया। भैंस को गोबर करता देख कमिश्नर साहब भड़क गए। उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियो को बुला लिया। मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी और डब्ल्यूएचओ ने भैंस को हटाने की कोशिश की, लेकिन भैंस कहां हटने वाली थी, कई बार की  कोशिश के बाद भी भैंस वहां से नहीं हटी, इतने में ही भैंसों का मालिक बेताल सिंह वहां आ गया और अपनी भैंसों को हांककर अपने साथ ले गया।

गुस्साए निगम कमिश्नर ने दिए जुर्माने के निर्देश 

नगर निगम कमिश्नर को जब ये जानकारी मिली कि भैंस मलिक बेताल सिंह इसी क्षेत्र में डेयरी चलाते हैं और उनकी भैंसे क्षेत्र में एवं सड़क पर गंदगी करती रहती हैं, तो उन्होंने बेताल सिंह पर तत्काल जुर्माना करने का आदेश दिया। कमिश्नर का आदेश मिलते ही क्षेत्राधिकारी मनीष कन्‍नौजिया और डब्ल्यूएचओ  धर्मेंद्र धीरज बेताल सिंह के घर पहुंचे और उस पर 10 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया। बेताल सिंह ने  गलती मानते हुए नगर निगम को जुर्माना भर दिया।  कमिश्नर ने चेतावनी दी है कि  अवैध डेयरी संचालन और सड़क पर भैंस  या अन्य कोई पशु गंदगी फैलाता मिला तो उसके मालिक पर कार्रवाई की जाएगी।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews