CM Mohan Yadav: आज मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे टंट्या मामा यूनिवर्सिटी की शुरुआत, आदिवासी वोटरों को साधेगी भाजपा

CM Mohan Yadav: आज मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे टंट्या मामा यूनिवर्सिटी की शुरुआत, आदिवासी वोटरों को साधेगी भाजपा

CM Mohan Yadav: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने आदिवासी वोटरों को साधने के लिए निमाड़ में एक महीने पहले ही क्रांतिकारी टंट्या मामा भील यूनिवर्सिटी की घोषणा की थी। जिसके बाद अब गुरूवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा इसका शुभारंभ किया जाएगा। जानकारी के अनुसार इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डिजिटल रूप से करेंगे। यह विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नए-नए कोर्स और अनुसंधान कार्य शुरू करेगा, जिससे खरगोन जिले के विद्यार्थियों को अब अन्य शहरों में शिक्षा की तलाश में नहीं जाना पड़ेगा।

परियोजनाओं का कुल लागत 557 करोड़, 47 लाख रुपए:

दरअसल आज मुख्यमंत्री द्वारा निमाड़ में 3 उद्वहन सिंचाई योजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा, जिसमें पीपरी माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना, चौंडी-जामन्या माइक्रो योजना और बलकवाड़ा माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना शामिल है। इन परियोजनाओं का कुल लागत 557 करोड़, 47 लाख रुपए है।

रोजगार के नए अवसर

वहीं मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे खरगोन में विश्वविद्यालय की शुरुआत से खरगोन जिले में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे वहाँ के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययन के लिए अन्य शहरों की तलाश में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं इसके साथ ही सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत निमाड़ क्षेत्र में कृषि विकास को पुश्ति मिलेगी, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। ये प्रोजेक्ट्स न केवल कृषि क्षेत्र को विकसित करेंगे बल्कि निमाड़ क्षेत्र में जल संसाधन को भी सुदृढ़ करेंगे।

सरकार की पहल के तहत निमाड़ के विकास को नई ऊर्जा मिलेगी। यह प्रोजेक्ट्स न केवल कृषि क्षेत्र को मजबूत करेंगे बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी नए अवसरों की राह दिखाएंगे। इस उद्घाटन कार्यक्रम के माध्यम से सरकार ने निमाड़ के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः प्रमाणित किया है। इन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से न केवल कृषि विकास होगा, बल्कि निमाड़ क्षेत्र के लोगों को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। दरअसल लोकसभा चुनाव से पहले यह परियोजनाओं का मिलना एक बड़ी बात है। हालांकि अब यह देखना होगा की क्या इससे आगामी लोकसभा चुनाव में आदिवासी वोट में अंतर नजर आता है या नहीं।

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मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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