
मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक बड़ी घटना घटी। 21 अगस्त को सिटी कोतवाली थाने पर भीड़ ने जमकर पथराव किया और अब इस मामले की नई चर्चा चल रही है। कांग्रेस नेता शहजाद अली का जो आलीशान घर था, अब वह बुलडोजर की चपेट में आ चुका है। दरअसल, पथराव की भीड़ का नेतृत्व करने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष शहजाद अली के घर पर हाल ही में बुलडोजर चलाया गया। बताया जा रहा है, कि यह कार्रवाई इलाके में विवादों और सुरक्षा की चिंताओं के चलते की गई है। शहजाद अली के घर पर हुई इस कार्रवाई ने स्थानीय राजनीति और प्रशासन में हलचल मचा दी है।
21 अगस्त को छतरपुर के सिटी कोतवाली थाने पर 300 से 400 लोगों की भीड़ ने जमकर पथराव किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। जिसके चलते 100 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई जबकि 250 अज्ञात लोगों पर भी मुकदमा चलाया गया। इस बीच पथराव की भीड़ का नेतृत्व करने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष शहजाद अली के बड़े और आलीशान घर पर बुलडोजर चलाया गया। देखते ही देखते ताश के पत्तों की तरह कांग्रेस उपाध्यक्ष का मकान गिर गया। अब इस कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
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कैसे शुरू हुआ विवाद
विवाद की जड़ एक धार्मिक कार्यक्रम से जुड़ी हुई है, दरअसल, महाराष्ट्र के नासिक जिले के सिन्नर तालुका के शाह पंचाले गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान रामगिरी महाराज द्वारा एक बयान दिया गया था, जो कि विवादों में फस गया। उन्होंने अपने बयान में पैगंबर मोहम्मद और इस्लाम के खिलाफ टिप्पणी की थी। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। हालांकि, उनका बयान बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहते अत्याचारों के संदर्भ में था। इस मामले के बाद महाराष्ट्र के कई जिलों में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू की गई है।
पथराव में कई पुलिसकर्मी हुए जख्मी
विवादित बयान के मुद्दे पर छतरपुर कोतवाली थाने की बहार ज्ञापन सौंपने पहुंचे लोगों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। इस स्थिति को संभालना पुलिस कर्मियों के लिए बहुत मुश्किल हो गया था, इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए जिनमें से कुछ को सर और हाथ पैर पर चोट आई हैं।

