कोरोना ने रोकी कावङिय़ों की रफ्तार

कोरोना ने रोकी कावङिय़ों की रफ्तार

भोपाल। देशव्यापी कोरोना संकट का असर सावन में होने वाले कांवड़ यात्रा पर भी पड़ा है। मप्र में इस साल सावन मास में हर साल शुरू होने वाली पवित्र कांवड़ यात्रा कोरोना संकट के चलते स्थगित हो गई है। यह निर्णय मंगलवार को गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में हुई आपदा नियंत्रण समिति की बैठक में लिया गया। इससे पहले उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा से मुख्यमंत्री पहले ही कावड़ यात्रा स्थगित करने का फैसला ले चुके है।

कोरोना संकट से जूझ रहे मप्र में त्यौहारों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। सावन मास में हर साल कावड़ यात्रा की धूम देखने को मिलती थी। खासतौर से उज्जैन में देश के अलग-अलग हिस्से से लाखों की संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में भाग लेते थे। लेकिन कोरोना ने इस साल कावडिय़ों की रफ्तार रोक दी है। मंगलवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने उज्जैन में आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सबकी राय से कावड़ यात्रा नहीं निकालने का निर्णय लिया है। उन्होंने निर्देश दिये कि इस वर्ष कावड़ यात्रा के शहर प्रवेश पर रोक रहेगी। इसके अलावा मंत्री मिश्रा ने निर्देश दिये कि महाकाल मन्दिर प्रात: 9 बजे से सायं 7 बजे तक खुला रहे। दरअसल कांवडिय़ों की संख्या इतनी ज्यादा होती है कि सरकार को उनकी पैदल यात्रा के लिए भारी इंतजाम करना पड़ता है। ऐसे में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच अगर कांवड़ यात्रा को इजाजत दी जाती तो कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती।

गृहमंत्री ने किए बाबा महाकाल के दर्शन
इसके अलावा उज्जैन प्रवास के दौरान मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन एवं पूजन किया। भगवान महाकालेश्वर के दर्शन के पश्चात मंत्री मिश्रा ने कहा कि उन्होंने भगवान महाकाल से प्रार्थना की है कि शीघ्र-अतिशीघ्र प्रदेश और देश को कोरोना से मुक्त करें। मंत्री ने कहा कि भगवान महाकालेश्वर के आशीर्वाद से उज्जैन में कोरोना संक्रमण के प्रकरणों में रिकवरी रेट में काफी बढ़ोतरी हुई है।

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निदेशक और संपादक

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