भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष की सीएम से मांग, कालाबाजारी करने वालों को फांसी पर लटका दो

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ग्वालियर, अतुल सक्सेना।  भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राज चड्ढा (Former BJP District President Raj Chaddha) ने फेसबुक (Facebook) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि हिन्दू हूँ पर चाहता हूँ कि इस्लामिक कानून(Islamic law) लगाओ और महामारी में कालाबाजारी (Black marketing) करने वालों को सरे आम फांसी पर लटकाओ।

भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष, ग्वालियर व्यापर मेला प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष, समाजसेवी, पर्यावरण और प्रकृति प्रेमी राज चड्ढा (Former BJP District President Raj Chaddha)प्रदेश के वर्तमान हालात से बेहद गुस्से में हैं। कभी अख़बारों में “साँची कहो” कालम लिखने वाले पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष ने अपने फेसबुक पेज पर बुधवार को तीन पोस्ट शेयर की हैं।  उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) को सम्बोधित करते हुए एक पोस्ट में लिखा – साँची कहो, मुख्यमंत्री जी आपसे कह रहा हूँ।  कमलाराजा अस्पताल में एक प्रसूता को प्रवेश नहीं मिलने पर उसके जुड़वां बच्चे गिरकर मर गए थे।  इस व्यवस्था को दुत्कारने पर मुझे मां समान मेरी पार्टी से नोटिस की धौंस दी गई थी। आज खुलकर कह रहा हूँ – रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कमी नहीं है।  उसकी कालाबाजारी से मरीजों की हत्या की जा रही है! वे ही दोषी हैं जिनपर चोर बाजारी रोकने की जिम्मेदारी है।  आप चाहो तो ऐसा कहने पर मुझे जेल भेज दो।

एक अन्य पोस्ट में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राज चड्ढा (Former BJP District President Raj Chaddha) ने लिखा – हिन्दू हूँ पर चाहता हूँ कि इस्लामिक कानून (Islamic law) लगाओ और महामारी में चोर बाजारी (Black marketing)  करने वालों को सरे आम फांसी पर लटकाओ!

एक अन्य पोस्ट में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राज चड्ढा (Former BJP District President Raj Chaddha) ने लिखा – यह खबर बहुत जोरों से फ़ैल रही है शहर में की बाड़ ही खेत को खा रही है, हाहाकार मचा है।  बेईमानों की सात पुश्तें भुगतेंगी कोई भी हो, उखड़ती सांसों की बद्दुआ कभी खाली जाती।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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