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नशे की लत ने एक बेहतरीन स्टेट खिलाड़ी को बना दिया अपराधी, पहुंचा सलाखों के पीछे

Written by:Atul Saxena
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ग्वालियर, अतुल सक्सेना। नशे की लत किसी को भी बर्बाद कर सकती है, ये बात सब अच्छी तरह से जानते हैं बावजूद इसके बहुत से लोग इसकी गिरफ्त में आकर अपना बहुत कुछ खो देते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी हैं ग्वालियर के एक बेहतरीन वॉलीबाल प्लेयर की। कभी स्कूल टाइम में मध्यप्रदेश के लिए खेलने वाला ये खिलाड़ी नेशनल लेवल पर नाम रोशन करना चाहता था लेकिन नशे की बुरी आदत और गलत दोस्तों की संगत ने उसकी जिंदगी में अँधेरा कर दिया।  पुलिस ने इसे अवैध कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया है।

हजीरा थाना पुलिस ने क्षेत्र के एक बदमाश को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 5 लीटर अवैध कच्ची हाथ भट्टी शराब जब्त की है। पुलिस ने आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी देवेंद्र भदौरिया उर्फ़ नेता को जेल भेज दिया।  टी आई आलोक सिंह परिहार के मुताबिक जब अपराधी की कुंडली देखी गई तो वो क्षेत्र का शातिर निगरानीशुदा बदमाश निकला।  उसके खिलाफ मारपीट, अवैध वसूली, अवैध हथियार रखने जैसे करीब 12 से अधिक अपराध हजीरा थाने और ग्वालियर थाने में दर्ज हैं।  गिरफ्तार बदमाश शराब के साथ स्मैक, गांजा का भी नशा करता है, उससे क्षेत्र की जनता ही नहीं परिवार के लोग भी परेशान रहते हैं।

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खास बात ये है कि जब पुलिस ने जब गिरफ्तार बदमाश देवेंद्र उर्फ़ नेता की अपराध से पहले का बैक ग्राउंड टटोला तो पुलिस चौंक गई।  देवेंद्र उर्फ़ नेता वॉलीबाल का बेहतरीन खिलाड़ी निकला। उसने स्कूल टाइम में  मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया है। उसका सपना वॉलीबाल का नेशनल प्लेयर बनने का था, वो भारत के लिए खेलना चाहता था लेकिन नशे की बुरी आदत ने उसे बर्बाद कर दिया।  घरवालों ने उसे बहुत समझने की कोशिश की लेकिन वो नहीं सुधरा और नशे की लत के कारन एक बेहतरीन खिलाड़ी से शातिर अपराधी बन गया।

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Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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