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डबरा में दो अलग-अलग सड़क हादसों में गई 3 लोगों की जान, परिजनों ने शव रखकर किया चक्काजाम, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

Written by:Shyam Dwivedi
Last Updated:
डबरा में दो अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोग भड़क उठे। इसके बाद उन्होंने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। आक्रोशित लोगों का करीब 5 घंटे तक प्रदर्शन जारी रहा। इसके बाद प्रशासन ने आश्वसन देकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मध्य प्रदेश के डबरा में रविवार को दो अलग-अलग जगहों पर भीषण सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में तीन लोगों की मौत और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका उपचार जारी है। इन हादसों के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश में देखा गया।

हादसे के बाद लोगों में आक्रोश इतना बढ़ गया कि उन्होंने पिछोर रोड पर शव रखकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से उचित कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की। गर्मी की तेज तपन में करीब 5 घंटे तक परिजन और स्थानीय लोग शव को सड़क पर रखे रहे। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची। जिसके बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों को आश्वासन दिया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, पिछोर रोड स्थित कटारे बाबा मढ़ी के पास एक तेज रफ्तार बोलेरो पिकअप वाहन ने तीन लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में रामप्रकाश रजक और सुभाष रजक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनीराम रजक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल मनीराम का उपचार ग्वालियर के अस्पताल में जारी है।

घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हादसे की सूचना दिए जाने के बावजूद प्रशासनिक अमला करीब एक से डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचा। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रारंभिक रूप से मौके पर पहुंचे दो पुलिस आरक्षकों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की ओर से इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

वहीं, NH-44 पर सिमरिया टेकरी के पास हुए एक अन्य सड़क हादसे में सावित्री परिहार की मौत हो गई थी, जबकि उनके पति सुनील परिहार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि उपचार के दौरान ग्वालियर में सुनील परिहार की भी मौत हो गई है, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

दोनों सड़क दुर्घटनाओं की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। इन हादसों के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों के संचालन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। हालांकि, खबर है कि पिछोर पुलिस ने टक्कर मारने वाली लोडिंग गाड़ी की पहचान कर उसे जब्त कर लिया है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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