भाजपा के पूर्व विधायक ने ठोंकी ताल, CM से की मुलाकात, प्रदेश अध्यक्ष से भी मिलेंगे

भाजपा के पूर्व विधायक ने ठोंकी ताल, CM से की मुलाकात, प्रदेश अध्यक्ष से भी मिलेंगे

ग्वालियर/ अतुल सक्सेना। मध्य प्रदेश की 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए नेताओं में हलचल तेज हो गई है। इसे लेकर भाजपा नेताओं की धडक़न ज्यादा बढ़ी हुई है। पार्टी के वो जमीनी और जनाधार वाले नेता जो वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं और चुनाव भी जीत चुके हैं, वे अब राजधानी की दौड़ लगाने लगे हैं। क्योंकि उन्हें सिंधिया समर्थकों की मौजूदगी से अपना राजनैतिक भविष्य खतरे में दिख रहा है। ऐसे ही एक पूर्व भाजपा विधायक ने भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मुलाकात कर अपनी बात रखी। वे बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे।

24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में ग्वालियर चंबल संभाग की 16 विधानसभा सीटें निर्णायक भूमिका में हैं। इसीलिए पार्टियों का फोकस इन सीटों पर है। यहाँ नेताओं में भी टिकट के लिए खींचतान मची हुई है। सिंधिया समर्थकों के भाजपा में आने और उनके चुनाव लडऩे का तय हो जाने के चलते भाजपा के पुराने नेता भी अब मैदान में आ गए हैं और टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं। इसी कड़ी में दतिया जिले की भांडेर विधानसभा सीट से विधायक रहे घनश्याम पिरोनिया भी अपनी दावेदारी जता रहे हैं। इसे लेकर मंगलवार को उन्होंने भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मुलाकात की। सूत्रों की मानें तो उन्होंने भांडेर सीट से चुनाव लडऩे की अपनी मंशा से मुख्यमंत्री को अवगत करा दिया है। वे बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से भी मुलाकात करेंगे। गौरतलब है कि इस सीट से पिछला चुनाव जीती रक्षा संतराम सिरोनिया ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोडक़र भाजपा में आ गई है और कमिटमेंट के हिसाब से पार्टी उन्हें भी भांडेर से चुनाव लड़ायेगी। लेकिन घनश्याम चाहते हैं पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाये।

2018 में घनश्याम का टिकट काट दिया था पार्टी ने
2013 से 2018 तक भांडेर सीट से विधायक रहे घनश्याम पिरोनिया या क्षेत्र में जनाधार वाले नेता हैं। समाज के वोटों के अलावा उन्हें अन्य समाजों का भी समर्थन 2013 के चुनाव में मिला था। लेकिन पार्टी ने 2018 में घनश्याम का टिकट काट कर रजनी प्रजापति को दिया था, जिन्हें कांग्रेस प्रत्याशी रहीं रक्षा संतराम सिरोनिया ने हरा दिया था और भाजपा ने सीट गंवा दी थी। बावजूद इसके घनश्याम पिरोनिया ने क्षेत्र के लोगों से संपर्क नहीं छोड़ा, वे अभी भी वहाँ सक्रिय हैं।

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए पूर्व विधायक घनश्याम पिरोनिया ने मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात जो सामान्य भेंट बताया। दावेदारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में अपनी बात रखने का सभी को अधिकार है। मैंने अपने वरिष्ठ नेतृत्व को अपनी भावना से अवगत करा दिया है, यदि पार्टी टिकट देगी तो चुनाव लड़ेंगे और सभी के सहयोग से जीतेंगे और यदि पार्टी कोई और आदेश देगी तो उसका भी पालन होगा। उन्होंने बताया कि वे बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा से भी मुलाकात करेंगे।

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