MP 5 Days Working Rule : मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में 5-डे वर्किंग की व्यवस्था आगे भी जारी रह सकती है। खबर है कि सामान्य प्रशासन, वित्त, गृह और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति बनाई गई है जो स्वैच्छिक सहित कर्मचारियों को प्रति साल मिलने वाले अन्य अवकाश पर पुनर्विचार का काम करेगी। फिलहाल इसमें 6-डे वर्किंग कल्चर लागू करने का कोई प्रस्ताव शामिल नहीं किया गया है यानि छह दिन काम करने की व्यवस्था को दोबारा लागू करने पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है ऐसे में 2026 में भी 5 डे वर्किंग रूल लागू रहने की संभावना है। हालांकि अभी सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

2026 में भी जारी रहेगी 5-डे वर्किंग की व्यवस्था?

दरअसल, बीते कई दिनों से अटकले लगाई जा रही है कि नए साल यानी जनवरी 2026 से सरकारी दफ्तरों में 5-डे वर्किंग रूल खत्म हो सकता है लेकिन ताजा मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो प्रदेश के शासकीय कार्यालयों के कार्य-दिवस सप्ताह में 5 दिवस सोमवार से शुक्रवार निर्धारित करने संबंधी व्यवस्था को राज्य सरकार द्वारा आगे भी जारी रखा जा सकता है, क्योंकि छुट्टियों पर पुनर्विचार के लिए बनाई गई समिति ने इस 5 डे वर्किंग रूल में बदलाव के प्रस्ताव को अपने एजेंडे में शामिल नहीं किया है। यानि कर्मचारियों के लिए सप्ताह में पांच दिन ही कार्य दिवस रहेंगे और दो दिन अवकाश रहेगा। इससे प्रदेश के साढ़े सात लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। हालांकि जब तक इस संबंध में लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक मौजूदा व्यवस्था केवल प्रशासनिक संकेत और समिति की चर्चा के आधार पर ही मानी जाएगी।केंद्रीय कार्यालयों में पांच कार्य दिवस की व्यवस्था पहले से ही लागू है।

2020 में लागू हुई थी 5 डे वर्किंग रूल व्यवस्था

बता दे कि कोविड-19 महामारी के दौरान राज्य सरकार ने 5 डे वर्किंग रूल लागू किया था जो अभी भी जारी है। वर्ष 2020 से पहले दूसरे और तीसरे शनिवार को सरकारी कार्यालय खुले रहते थे। पहले और चौथे शनिवार को अवकाश होता था।उधर, वर्ष 2026 के लिए भी सरकारी अवकाश घोषित करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसमें कोई विशेष परिवर्तन नहीं किया गया है।संभावना है कि जल्द ही 2026 का अवकाश का कैलेंडर जारी किया जा सकता है।