खुलेआम पैसे की बर्बादी, लापरवाह अधिकारी, कोई कैसे कहे I Love Dabra

खुलेआम पैसे की बर्बादी, लापरवाह अधिकारी, कोई कैसे कहे I Love Dabra

डबरा, गौरव शर्मा। आजकल हर जगह अपने शहर से प्यार जताने के लिए आई लव माय सिटी (I Love My City) के ग्लो साइन बोर्ड (Glow Sign Board) लगाए जा रहे हैं। यह बोर्ड शहरों में सेल्फी प्वाइंट (Selfie Point) के नाम से भी पहचाने जाते हैं जिनके सामने लोग सेल्फी लेते हैं और उसके बाद उसे अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हैं। ऐसा ही एक आई लव डबरा ( I Love Dabra) का ग्लो साइन बोर्ड डबरा एसडीएम के निवास के ठीक सामने नगर पालिका डबरा द्वारा तैयार कराया जा रहा है जिसका काम जोरों शोरों पर जारी है।

गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के मुख्यमंत्री के बार बार निर्देश के बावजूद गुणवत्ताविहीन कार्यों के लिए मशहूर डबरा नगरपालिका द्वारा कराए जा रहे इस कार्य में भी पोलें धीरे-धीरे खुल रही हैं। आई लव डबरा के बोर्ड के ठीक ऊपर लगाए गए लोहे के स्ट्रक्चर पर बिना किसी प्रायमर के सीधे रंग किया जा रहा है जिसे एमपी ब्रेकिंग द्वारा ली गई वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है। ऐसा गुणवत्ताविहीन कार्य वो भी एसडीएम की ठीक नाक के नीचे होना सिर्फ बड़ी बात ही नहीं है, ये इस बात का भी प्रमाण है कि स्थानीय प्रशासन के अधिकारी किस कदर लापरवाह हैं। आपको बता दें कि एसडीएम डबरा वर्तमान में नगर पालिका के प्रशासक भी हैं।

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हालांकि यह कोई अचरज की बात नहीं है कि नगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस गुणवत्ता के कार्य हो रहे हैं। बात करें शहर की जनता की तो कई बार गुहार लगाने के बावजूद भी नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा सुनवाई नहीं होती है। जल आवर्धन योजना के लिए खोदी गई स्टेट हाईवे की सर्विस लाइन कीचड़ के दलदल में तब्दील हो चुकी है। ठेकेदार द्वारा लाइन डालने के बाद ना तो रोड दोबारा बनाई गई ना ही उसे एक सा कराया गया।

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बात करें शहर में गंदगी की तो नालों में भरी भरी हुई गंदगी, कीचड़ और जगह-जगह लगे कचरे के ढेर अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए गए कार्य की कहानी खुद बयान करते हैं। शहर के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में लोग कई बार गंदगी के ढेर की तस्वीरें साझा कर अधिकारियों से निवेदन तक करते हैं उसके बाद भी गंदगी का ढेर जस का तस रहता है। नगर पालिका कर्मचारी खुद अपनी हाथ गाड़ी से गंदगी के ढेर पर और गंदगी इकट्ठी करते हैं जिससे आसपास रहने वाले लोगों के लिए समस्या और बढ़ जाती है। शहर के बाहर जो भी दो चार गाड़ियां कचरा ले जाती हैं वह भी बिना ढंकी हुई होती हैं जबकि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का आदेश है कि कचरा गाड़ियां ऊपर से ढंकी होनी चाहिए।

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शहर में हर जगह अतिक्रमण, गंदगी, गंदे पानी के भराव होने के बावजूद कोई अधिकारी इसके समाधान के लिए कोई उचित कार्यवाही नहीं करता है। लगता है अब डबरा शहर भगवान भरोसे है। ऐसे में आप कैसे किसी से उम्मीद कर सकते हैं कि वो कहेगा I Love Dabra .

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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