मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर अचानक बदल गया है। जहां कुछ दिन पहले तक तेज गर्मी लोगों को सता रही थी, वहीं अब आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने पूरे राज्य की सूरत बदल दी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 42 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है, जिससे किसानों और आम जनता दोनों की चिंता बढ़ गई है। अगले 24 घंटे कई जिलों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इन इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
आपको बता दें कि अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और सिवनी जैसे 9 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। इन क्षेत्रों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश और ओले गिरने की आशंका जताई गई है, जिसका सीधा असर खड़ी फसलों पर पड़ने वाला है। इंदौर और जबलपुर संभाग के कुछ जिलों में ओले गिरने की संभावना से किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं, क्योंकि इससे उनकी तैयार फसलें बर्बाद हो सकती हैं।
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सिर्फ यही नहीं, राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला और बालाघाट जैसे जिलों में भी तेज आंधी और बारिश का अलर्ट है। इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका बनी हुई है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह मौसमी सिस्टम अभी कुछ दिन और सक्रिय रहेगा। उम्मीद है कि 6 अप्रैल तक प्रदेश में तेज आंधी और बारिश का यह दौर जारी रह सकता है। इस दौरान तापमान में भी गिरावट देखने को मिलेगी, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन खराब मौसम की वजह से सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। तेज आंधी के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें और पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे खड़े न हों। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी गई है।