3 अप्रैल से वैशाख का महीना शुरू हो चुका है। इस महीने को हिंदू धर्म में माधव मास के नाम से पहचाना जाता है। आध्यामिक उन्नति, पूजा पाठ और दान धर्म के लिहाज से ये महीना काफी खास माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक वैशाख में किया गया स्नान, दान, तर्पण साधक को अक्षय फल देने का काम करता है।
इस महीने में पुण्य कमाने के लिए लोगों को पवित्र नदियों में स्नान और दान पुण्य करते देखा जाता है। इस महीने में अगर तुलसी जी की सेवा सही तरीके से की जाए तो पुण्य की प्राप्ति होती है। हालांकि, इस दौरान कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी है।
वैशाख में कैसे करें तुलसी पूजन
- वैशाख के महीने में तुलसी जी के विशेष देखभाल करना जरूरी है। इससे पौधा हरा भरा रहता है और जीवन में भी खुशहाली आती है।
- रोज सुबह उठकर स्नान करने के बाद तुलसी जी को जल अर्पित करें और इस समय ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
- पूजा के समय आपको तीन या सात बार तुलसी की परिक्रमा करते हुए सुख समृद्धि की कामना करनी चाहिए।
- शाम के समय तुलसी के पौधे के पास शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इससे जीवन की सारी नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाएगी और सुख शांति की प्राप्ति होगी।
- वैशाख के महीने में तुलसी के ऊपर एक छोटा सा घड़ा यानी गलंतिका बांध देनी चाहिए जिससे बूंद बूंद पानी गिरता रहे।
ना करें ये गलतियां
- अक्सर पूजा पाठ के दौरान हम जाने अनजाने में कुछ गलतियां कर देते हैं, जिसकी वजह से पुण्य की जगह दोष लग जाता है। तुलसी पूजन के समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
- एकादशी और रविवार के दिन तुलसी को जल अर्पित नहीं किया जाता। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इन दिनों में माता तुलसी भगवान विष्णु के निर्जला व्रत रखती हैं।
- एकादशी, रविवार और सूर्यास्त होने के बाद तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ा चाहिए, ना ही स्पर्श करना चाहिए।
- बिना स्नान किए या फिर जूठे हाथों से तुलसी को कभी ना छुएं इससे घर की सुख समृद्धि प्रभावित होती है।
- तुलसी के गमले के आसपास कभी भी कूड़ा कचरा या गंदगी नहीं होनी चाहिए।
कभी ना देखें ये चीजें
तुलसी के पौधे के पास जूते चप्पल का स्टैंड नहीं रखना चाहिए और ना ही जूते चप्पल उतारने चाहिए। झाड़ू या कूड़ादान भी कभी भी तुलसी के पास न रखें। तुलसी के पास कैक्टस या कांटेदार पौधे भी नहीं रखे जाते। यहां कभी भी फटे हुए कपड़े या फालतू सामान जमा ना होने दें।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।






