हर साल जब शादी-विवाह का सीजन अचानक रुक जाता है, तो कई लोगों के मन में एक ही सवाल उठता है आखिर ऐसा क्यों? दरअसल, इसके पीछे कारण होता है खरमास, जिसे सनातन धर्म में अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान कोई भी बड़ा या मांगलिक काम नहीं किया जाता, चाहे वह शादी हो, सगाई हो या गृह प्रवेश।
इस समय बहुत से परिवार इंतजार में रहते हैं कि आखिर कब यह अवधि खत्म होगी और फिर से शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी। अप्रैल 2026 में भी यही स्थिति है, क्योंकि मार्च से शुरू हुआ खरमास अब खत्म होने की ओर है। ऐसे में आइए आसान भाषा में समझते हैं कि खरमास 2026 कब खत्म होगा, और इसके बाद शादी-विवाह कब से शुरू होंगे।
खरमास 2026 क्या है और क्यों माना जाता है अशुभ समय
सनातन धर्म में खरमास को एक ऐसा समय माना गया है, जब कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। यह अवधि लगभग एक महीने की होती है और तब शुरू होती है, जब सूर्य देव गुरु (बृहस्पति) की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं।
मान्यता है कि इस समय सूर्य और गुरु दोनों की शक्ति थोड़ी कमजोर हो जाती है। ये दोनों ग्रह शुभ कार्यों के लिए बहुत जरूरी माने जाते हैं, खासकर शादी-विवाह जैसे बड़े फैसलों में। जब इनका प्रभाव कम हो जाता है, तो उस समय किए गए कार्यों का फल अच्छा नहीं मिलता। यही वजह है कि खरमास 2026 के दौरान शादी, सगाई, मुंडन, नामकरण और गृह प्रवेश जैसे सभी मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं।
खरमास 2026 कब खत्म होगा? जानिए सही तारीख
अगर बात करें खरमास 2026 की समाप्ति की, तो इसकी शुरुआत 15 मार्च 2026 को हुई थी, जब सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश किए थे। इसके बाद पूरे एक महीने तक यह अवधि जारी रहती है। अब सबसे जरूरी सवाल यह खत्म कब होगा? 14 अप्रैल 2026 को सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे, इसी दिन खरमास समाप्त हो जाएगा। मेष राशि को मंगल की राशि माना जाता है और यह ऊर्जा, उत्साह और नई शुरुआत का प्रतीक है। जैसे ही सूर्य इस राशि में प्रवेश करते हैं, वैसे ही शुभ कार्यों का रास्ता फिर से खुल जाता है। इस दिन को मेष संक्रांति के रूप में भी मनाया जाता है, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण पर्व है।
खरमास खत्म होते ही क्यों शुरू हो जाते हैं शुभ काम
खरमास खत्म होने के बाद लोगों के जीवन में जैसे रौनक लौट आती है। मंदिरों में फिर से शादियों की तारीखें तय होने लगती हैं, बैंड-बाजे की तैयारी शुरू हो जाती है और घरों में खुशियों का माहौल बन जाता है। इसका कारण साफ है जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तो उनकी ऊर्जा और तेज फिर से मजबूत हो जाता है। साथ ही गुरु ग्रह का प्रभाव भी शुभ हो जाता है। यही कारण है कि खरमास 2026 के खत्म होते ही 15 अप्रैल से सभी शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे।
अप्रैल 2026 में शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त
15 अप्रैल 2026 (बुधवार)
20 अप्रैल 2026 (सोमवार)
21 अप्रैल 2026 (मंगलवार)
25 अप्रैल 2026 (शनिवार)
26 अप्रैल 2026 (रविवार)
27 अप्रैल 2026 (सोमवार)
28 अप्रैल 2026 (मंगलवार)
29 अप्रैल 2026 (बुधवार)
शुभ मुहूर्त का क्या महत्व होता है
भारतीय संस्कृति में शादी केवल दो लोगों का रिश्ता नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन होता है। इसलिए हर कोई चाहता है कि यह रिश्ता सही समय और शुभ मुहूर्त में शुरू हो।
शुभ मुहूर्त का मतलब होता है ऐसा समय, जब ग्रह-नक्षत्र की स्थिति अच्छी हो और वह काम के लिए अनुकूल हो। माना जाता है कि सही मुहूर्त में किए गए काम लंबे समय तक अच्छे परिणाम देते हैं। इसी वजह से खरमास 2026 जैसे समय में लोग इंतजार करते हैं और जैसे ही यह खत्म होता है, तुरंत शुभ कार्यों की शुरुआत कर देते हैं।
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