मध्य प्रदेश क्रिकेट लीग (MPCL) का तीसरा सीजन बड़े बदलावों के साथ आ रहा है। इस बार लीग में पहली बार इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की तर्ज पर खिलाड़ियों की नीलामी आयोजित की जाएगी। फ्रेंचाइजी टीमें अपने पसंदीदा खिलाड़ियों पर बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल करेंगी, जिससे प्रदेश की प्रतिभाओं पर ‘धन वर्षा’ होने की उम्मीद है।
लीग प्रबंधन ने प्रत्येक टीम के लिए 50 लाख रुपये का पर्स तय किया है। खिलाड़ियों को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा। यह कदम न केवल खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से मजबूत करेगा, बल्कि उन्हें एक बड़ा मंच भी प्रदान करेगा।
प्रतिभाओं को मिलेगा IPL का रास्ता
महानआर्यमन सिंधिया द्वारा शुरू की गई इस लीग के पिछले दो सत्र काफी सफल रहे हैं। यहां से निकले कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन के दम पर आईपीएल टीमों में भी जगह बनाई है। अब नीलामी प्रक्रिया शुरू होने से यह लीग और भी पेशेवर हो जाएगी। फ्रेंचाइजी टीमें जेएन भाया ट्रॉफी (अंतर-संभागीय टी-20) में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखेंगी, जिससे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को मौका मिल सके।
नीलामी और मैचों का शेड्यूल
सूत्रों के मुताबिक, खिलाड़ियों की नीलामी मार्च महीने में ही आयोजित की जा सकती है। इसके लिए खिलाड़ियों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित की गई है। हालांकि, लीग के मैच जून में खेले जाएंगे। अभी विस्तृत कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है, लेकिन मैचों का आयोजन इंदौर और ग्वालियर के मैदानों पर होने की पूरी संभावना है।
युवा खिलाड़ियों के लिए विशेष नियम
लीग में एक महत्वपूर्ण नियम उम्र सीमा को लेकर भी बनाया गया है। 19 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ी इस टी-20 लीग में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। यह फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की नीति के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को लंबे प्रारूप यानी रेड-बॉल क्रिकेट के प्रति प्रोत्साहित करना है। बीसीसीआई घरेलू स्तर पर छोटे आयु वर्ग के लिए टी-20 टूर्नामेंट आयोजित नहीं करता है।






