लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी ने एक अहम नियुक्ति की है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में बसपा छोड़कर आए रामपुर के नेता सुरेंद्र सागर को प्रदेश सचिव की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। यह फैसला आजम खान के गढ़ रामपुर में पार्टी की रणनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुरेंद्र सागर ने 2 मार्च को यह पदभार संभाला, जिसके बाद उन्होंने पार्टी प्रमुख का आभार जताया और रामपुर समेत पूरे प्रदेश में सपा को मजबूत करने का संकल्प लिया। उनकी नियुक्ति को सपा की ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति को जमीन पर उतारने की एक और कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
आजम खान को लेकर कही बड़ी बात
आजम खान के जेल में होने से रामपुर में समाजवादी पार्टी को राजनीतिक रूप से काफी नुकसान हुआ है। इस बीच, सुरेंद्र सागर ने अपनी नियुक्ति के बाद आजम खान का खुलकर समर्थन किया और उन्हें जल्द जेल से बाहर लाने की बात कही।
“आजम खान समाजवादी पार्टी के संस्थापक रहे हैं और अभी राष्ट्रीय महासचिव भी हैं। मौजूदा सरकार ने उन पर बड़ा जुल्म किया है और झूठे मुकदमों में जेल में बंद किया है। हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि कानून के माध्यम से आजम खान को जल्द ही जेल से बाहर निकाला जाए।” — सुरेंद्र सागर, प्रदेश सचिव, समाजवादी पार्टी
सागर ने स्पष्ट किया कि जब कोई बड़ा नेता ऐसी कार्रवाई का शिकार होता है तो पार्टी कमजोर होती है और आजम खान की समाजवादी पार्टी को पूरे प्रदेश में सख्त आवश्यकता है।
26 फरवरी को थामा था ‘साइकिल’ का दामन
सुरेंद्र सागर 26 फरवरी को ही अपने समर्थकों के साथ लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद समाजवादी पार्टी में शामिल हुए थे। उनके साथ रामपुर और मुरादाबाद के कई PDA समाज के नेता भी मौजूद थे। पार्टी में शामिल होने के एक हफ्ते के भीतर ही उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
अपनी नई भूमिका पर उन्होंने कहा, “जिस तरीके से राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने मुझ पर विश्वास जताया है, मैं पूरे जिले और प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने का काम करूंगा। मेरा यह प्रयास रहेगा की सभी जातियों को जोड़ा जाए और आने वाले 2027 के चुनाव में हम पूर्ण बहुमत से सरकार बना सकें।” इस नियुक्ति के बाद रामपुर में सागर के समर्थकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।






