MP News : किसानों के लिए काम की खबर, 25 जून तक समर्थन मूल्य पर होगी गेहूं की खरीदी, जानें रेट और डिटेल्स

प्रदेश के सभी जिलों में बनाये गये विभिन्न उपार्जन केन्द्रों में अभी तक 48 लाख 39 हजार 202 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी हो चुकी है।गेहूँ की खरीदी 6 लाख 16 हजार 254 किसानों से की गयी है।
Mp procurement 2026

MP Wheat Procurement 2024 : मध्य प्रदेश के किसानों के लिए काम की खबर है। रबी उपार्जन वर्ष 2024-25 अंतर्गत उपार्जन केंद्रों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि 25 जून है। जिन किसानों ने अबतक इसका लाभ नहीं लिया है वे ले सकते है। इस साल किसानों से 2275 व राज्य बोनस 125 कुल 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से गेहूं की खरीदी की जा रही है।

अबतक 48 लाख 39 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदी

  • खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश के सभी जिलों में बनाये गये विभिन्न उपार्जन केन्द्रों में अभी तक 48 लाख 39 हजार 202 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी हो चुकी है।गेहूँ की खरीदी 6 लाख 16 हजार 254 किसानों से की गयी है। किसानों को 11 हजार 427 करोड़ 57 लाख रूपये का भुगतान भी किया जा चुका है।
  • वर्तमान में कृषि उपज मंडी स्तर पर स्थापित 311 गेहूँ उपार्जन केन्द्रों में गेहूँ की खरीदी जारी है। इन केन्द्रों में गेहूँ की खरीदी 25 जून 2024 तक की जायेगी।इस साल केंद्रीय में प्रदेश के किसानों से करीब 80 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले साल 15 मई तक 259 लाख टन से कुछ अधिक गेहूं की सरकारी खरीद हुई थी जबकि पूरे सीजन की खरीद 262 लाख टन तक पहुंची थी।

इस बार खरीदी में पिछड़ा एमपी

मध्य प्रदेश में इस साल अब तक करीब 48.40 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई है, जो पिछले साल की कुल खरीद 71 लाख टन से 32 फीसदी कम है। मध्य प्रदेश के अलावा गेहूं की सरकारी खरीद के दो प्रमुख राज्य पंजाब व हरियाणा में पिछले साल से गेहूं की खरीद ज्यादा हुई है। इस साल अब तक पंजाब में करीब 124.50 लाख टन और हरियाणा में करीब 71 लाख टन खरीद हुई है, जो पिछले साल इन राज्यों में हुई खरीद क्रमश: 121 और 63 लाख टन से अधिक है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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