एमपी में बड़ा हादसा, माता- पिता समेत दो बच्चों की दर्दनाक मौत

एमपी में बड़ा हादसा, माता- पिता समेत दो बच्चों की दर्दनाक मौत

रतलाम/ सुशील खरे। रतलाम में गुरुवार तडक़े करीब 5 बजे हुए एक बड़े दर्दनाक हादसे में मां सहित दो मासूमों की मौत हो गई, जबकि पिता गंभीर रुप से घायल हो गया। घटना एमपी के रतलाम में हुई है जहां मकान की छत गिर गई। घायल पिता को सिविल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करवाया गया। जहां कुछ देर ईलाज के बाद उसने भी दम तोड़ दिया। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारी एसडीएम लक्ष्मी गामड़, तहसीलदार गोपाल सोनी पहुंचे व राहत कार्य की शुरुआत की।

मजदूरों- गरीबों को शहर के नेता कितने और क्या मकान बना कर दिला रहे है, उसका इस घटना से सारा काला चि_ा सामने आ गया। जब रतलाम के जवाहर नगर क्षेत्र के चार बत्ती मोहल्ले में रहने वाले मोहनलाल ने अपने आवास को बारिश को देखते हुए रखरखाव कार्य की शुरुआत की थी। अधिकारियों ने बताया कि एक दिन पूर्व ही मकान की छत का रखरखाव कार्य शुरू किया गया था। इस दौरान जब परिवार रात को भोजन करके सोया तो, लेकिन सुबह उठ नहीं पाया। तडक़े करीब 5 बजे अचानक मकान की छत जिसका कार्य चल रहा था भरभराकर गिर गई।

खबर लिखे जाने तक प्रशासन के अलावा घटना के बाद फिलहाल सत्ता दल के नेता न चुने हुए जनप्रतिनिधि घटना स्थल पर पहुंचे, न किसी ने कोई नगद सहायता दी, न घोषणा की। तहसीलदार गोपाल सोनी व एसडीएम लक्ष्मी गामड़ के अनुसार सुबह सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला घटना स्थल पर पहुंच गया था। नगर निगम के दमकल विभाग को भी राहत कार्य के लिए बुलवा लिया गया था। घटना में 10 वर्ष का कान्हा पिता मोहनलाल, 15 वर्ष की इशिका व इनकी मां 40 वर्ष की शर्मिला की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रुप से घायल मोहनलाल को जिला चिकित्सालय के आईसीयू में भर्ती करवाया गया। जहां ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। क्षेत्रीय नागरिक व कांगे्रस नेता राजीव रावत के अनुसार सूचना मिलते ही मदद कार्य की शुरुआत कर दी गई थी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews