MP: हरदा की धरती पर शहीदों का वंदन, 40 कलाकारों ने वस्त्रों से बनाई 12 हजार वर्ग फीट की अनूठी कलाकृति

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MP: कला दृश्य टीम के 40 कलाकारों, जिनमे 7 महिला कलाकार भी शामिल है। इन कलाकारों ने शहीद दिवस के अवसर पर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की एक भव्य कलाकृति तैयार की है। आपको बता दें यह कलाकृति 10 हजार कपड़ों से 12 हजार वर्ग फीट में हरदा के मिडिल स्कूल के मैदान में बनाई गई है। इस कलाकृति को तैयार करने में तीन दिनों की मेहनत लगी है।

घर-घर जाकर इकट्ठे किए थे वस्त्र

इस कलाकृति को तैयार करने के लिए कला दृश्य की टीम ने घर-घर जाकर पुराने वस्त्र इकट्ठे किए थे। बताया जा रहा है की कलाकृति में इस्तेमाल किए गए वस्त्रों को जरूरतमंदों में बांटा जाएगा। कला दृश्य के मुख्य देवांश तिवारी ने बातचीत के दौरान बताया कि वे शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की 12 हजार वर्ग फीट में कपड़ों से बनी कलाकृति के माध्यम से विश्व कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है। साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया कि इस कलाकृति को तैयार करने में तीन दिनों का समय लगा है, उन्होंने अपनी टीम कला दृश्य की सराहना करते हुए कहा कि उनके साथियों के बिना इस कलाकृति को बनाना संभव नहीं हो पाता, सभी 40 कलाकारों की इस कलाकृति को बनाने में खूब मेहनत लगी। इस कलाकृति को बनाने में सभी टीम मेंबर ने अपना योगदान दिया।
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कला दृश्य टीम की साक्षी राजपूत एवं यशिका रात्रे ने कही ये बात

साक्षी राजपूत ने बताया कि 23 मार्च के दिन ही भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने हंसते-हंसते देश की स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान दिया था। उनकी वीरता और त्याग को हम कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने यह भी कहा कि इस कलाकृति के माध्यम से हमने एक नया विश्व कीर्तिमान बनाने का भी प्रयास किया है। वहीं दूसरी और यशिका रात्रे ने कहा कि हमने इस कलाकृति को तैयार करके उन तीनों क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी है। हमारा उद्देश्य  युवा पीढ़ी को उनके बलिदान से प्रेरित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें उम्मीद है कि यह कलाकृति लोगों को देशभक्त और त्याग की भावना से प्रेरित करेगी।

भारी संख्या में लाइव देखने पहुंचे लोग

कलाकृति को ड्रोन के माध्यम से रिकॉर्ड किया गया है। इसकी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। वहीं, भारी संख्या में लोग हरदा के मिडिल स्कूल में कलाकृति को लाइव देखने भी पहुंचे थे। यह कलाकृति शहीदों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। यह कलाकृति लोगों को प्रेरणा देगी और देशभक्ति की भावना को जागृत करेगी।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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