‘आत्मनिर्भर पंचायत, समृद्ध मध्यप्रदेश’ : पंचायतों को मिले नए अधिकार, बोले सीएम डॉ मोहन यादव ‘समस्याओं के समाधान के लिए खुद आपके पास पहुंचेगी सरकार’

भोपाल में आयोजित तीन दिवसीय वॉटर शेड सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायतों को विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार खुद पंचायतों तक पहुंचकर उनकी जरूरतें पूरी करेगी। इस दौरान जल संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों को पुरस्कृत भी किया गया।
‘आत्मनिर्भर पंचायत, समृद्ध मध्यप्रदेश’ : पंचायतों को मिले नए अधिकार, बोले सीएम डॉ मोहन यादव ‘समस्याओं के समाधान के लिए खुद आपके पास पहुंचेगी सरकार’

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में ‘राज्य स्तरीय वॉटर शेड सम्मेलन’ का शुभारंभ करते हुए कहा कि अब सरकार पंचायतों की समस्याओं के समाधान के लिए खुद उनके पास पहुंचेगी। उन्होंने पंचायतों को विकास का आधार बताते हुए कई नई शक्तियों और योजनाओं की घोषणा की। ‘आत्मनिर्भर पंचायत, समृद्ध मध्यप्रदेश’ की थीम पर आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यशाला में 2000 से अधिक जनप्रतिनिधि और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।

कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पंचायतों की कठिनाइयों को समझकर उनका समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।

“आज प्यासा कुएं के पास नहीं आया है, कुआं प्यासे के पास आया है। सरकार आपकी सारी जरूरतें पूरी करेगी।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के सपनों के अनुरूप भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांवों को मजबूत करके ही देश को सशक्त बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुशासन दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे भारत को दुनिया में एक अलग पहचान मिली है।

पंचायतों को मिले नए अधिकार और सौगातें

सीएम यादव ने पंचायतों को आर्थिक और प्रशासनिक रूप से मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरपंचों को अब 25 लाख रुपये तक की राशि खर्च करने का अधिकार दिया गया है। इसके अलावा, जिला और जनपद पंचायतों के उपाध्यक्षों, जो शिक्षा समितियों के अध्यक्ष होते हैं, द्वारा किए गए विद्यालय निरीक्षण और सुझावों को अब आधिकारिक रूप से दर्ज किया जाएगा और उन पर कार्रवाई भी होगी। पंचायतों को पीने के पानी के प्रबंधन का अधिकार भी सौंपा गया है। मुख्यमंत्री ने पंचायतों से निवेश और निवास की बेहतर व्यवस्था के लिए मास्टर प्लान बनाने का आग्रह किया, जिसकी शुरुआत विदिशा जिले से की जा रही है।

जल संरक्षण पर जोर, उत्कृष्ट जिलों का सम्मान

मुख्यमंत्री ने जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पानी की हर बूंद कीमती है और जल संरक्षण को कर्मकांड की तरह नहीं, बल्कि एक सतत अभियान के रूप में लिया जाना चाहिए। समग्र रूप से श्रेष्ठ कार्य के लिए खंडवा, रायसेन और बालाघाट के जिला कलेक्टरों को पुरस्कृत किया गया। वहीं, खेत तालाब श्रेणी में बालाघाट और अनूपपुर को पुरस्कार मिला। सीएम ने किसानों के लिए सोलर पंप योजना का भी जिक्र किया, जिसमें 3 से 5 हॉर्स पावर के सोलर पंप पर 90% अनुदान का प्रावधान है।

समन्वय और आत्मनिर्भरता पर जोर

कार्यक्रम में मौजूद पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि आत्मनिर्भरता का पैमाना सिर्फ पैसा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ग्राम पंचायतें ठान लें तो वे नशे के कारोबार को खत्म कर सकती हैं। पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2026 तक प्रदेश की हर पंचायत में श्मशान घाट और संबंधित सुविधाएं मुहैया कराने का संकल्प लिया है। उन्होंने पीएम जनमन योजना के तहत गांवों में पक्की सड़कों के निर्माण और पीएम आवास योजना में मध्य प्रदेश के अग्रणी होने की भी जानकारी दी।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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