मध्य प्रदेश में जनवरी के महीने में मौसम रोज़ नए रंग दिखा रहा है। पिछले कुछ दिनों से राज्य भीषण ठंड की चपेट में था। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ। सुबह और रात के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर कामकाजी लोग तक ठिठुरते नजर आए।
अब तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी जरूर दर्ज की गई है और न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचा है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है। लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। IMD ने साफ चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में एमपी वेदर फिर चिंता बढ़ाने वाला है। कई जिलों में बारिश, घना कोहरा और इसके बाद फिर कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है।
बारिश और कोहरे का डबल असर
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इस सिस्टम की वजह से राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। खासतौर पर उत्तर और पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के आसार हैं।
इस दौरान घना कोहरा भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। शुक्रवार को राज्य के लगभग आधे हिस्से में घना से मध्यम कोहरा देखा गया। दतिया और ग्वालियर जैसे इलाकों में विजिबिलिटी बेहद कम रही, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। सुबह के समय वाहन रेंगते नजर आए और कई जगहों पर लोग लाइट जलाकर गाड़ी चलाने को मजबूर हुए।
तीन दिन बाद फिर लौटेगी कड़ाके की ठंड
फिलहाल तापमान में हल्की बढ़ोतरी ने लोगों को थोड़ी राहत दी है, लेकिन यह राहत अस्थायी है। IMD की भविष्यवाणी के मुताबिक अगले तीन दिनों तक घना कोहरा बना रहेगा। इसके बाद जैसे ही आसमान साफ होगा, उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं का असर तेज हो जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि मध्य प्रदेश में फिर से कड़ाके की ठंड लौटेगी। रात के तापमान में तेजी से गिरावट आ सकती है और ठंड का असर पहले से ज्यादा महसूस होगा। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए यह समय ज्यादा सावधानी बरतने का है।
इन शहरों में दिन का तापमान 24 डिग्री से नीचे
शुक्रवार को राज्य के 15 से ज्यादा शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। यह इस बात का संकेत है कि ठंड अभी पूरी तरह गई नहीं है।
दतिया: 16.8 डिग्री
गुना और नौगांव: 17 डिग्री
ग्वालियर: 17.4 डिग्री
टीकमगढ़: 18 डिग्री
खजुराहो: 18.2 डिग्री
श्योपुर: 19.4 डिग्री
पचमढ़ी: 20.2 डिग्री
रतलाम: 21.1 डिग्री
रीवा: 21.8 डिग्री
सतना: 22.4 डिग्री
उज्जैन: 22.5 डिग्री
दमोह: 23 डिग्री
भोपाल और सीधी: 23.6 डिग्री
घना कोहरा बना बड़ी समस्या, ट्रांसपोर्टेशन पर असर
अभी सबसे बड़ी चिंता घना कोहरा है। कोहरे की वजह से सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो जाती है। इसका असर सीधे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ रहा है। कई जगहों पर ट्रेनें देरी से चल रही हैं, वहीं हाईवे पर एक्सीडेंट का खतरा भी बढ़ गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों को सुबह जल्दी निकलने में दिक्कत हो रही है। ग्रामीण इलाकों में किसान भी कोहरे की वजह से खेतों में काम देर से शुरू कर पा रहे हैं। ठंड और नमी मिलकर फसलों पर भी असर डाल सकती है, खासकर सब्जियों और गेहूं की फसल पर नजर रखी जा रही है।
बारिश के बाद क्यों बढ़ेगी ठंड?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हल्की बारिश के बाद जब बादल छंटते हैं तो ज़मीन की नमी बढ़ जाती है। इसके बाद ठंडी हवाएं चलने लगती हैं, जिससे तापमान और तेजी से गिरता है। यही वजह है कि बारिश के बाद ठंड ज्यादा चुभने वाली हो जाती है। मध्य प्रदेश में भी यही स्थिति बनने जा रही है। पहले हल्की बारिश, फिर आसमान साफ और उसके बाद उत्तर से आने वाली सर्द हवाएं। इसका असर यह होगा कि दिन में धूप होने के बावजूद ठंड का अहसास बना रहेगा और रातें बेहद ठंडी हो जाएंगी।





