MP Gehu Uparjan News: 1 अप्रैल से 15 मई तक खरीदी, आधार लिंक बैंक खाते में 72 घंटे के भीतर होगा भुगतान

Gehu Kisan

MP Gehu Uparjan News : मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन खरीदी केंद्र निर्धारित कर दिया गया है। जिसमें 1 अप्रैल से 15 मई तक खरीदी होगी जो कि गेहूं उपार्जन सहकारी समितियों और स्वसहायता समूहों के माध्यम से किया जाएगा। खरीदी केन्द्र पर अनाज के साफ-सफाई और ग्रेडिंग की व्यवस्था आउटसोर्सिंग के आधार पर होगी। जिसका खर्च किसानों को उठाना होगा। दरअसल, रबी सीजन की खरीदी में इस साल किसानों को अनेकों प्रकार की सुविधाएं दी जाएगी। आइए विस्तार से जानें…

ऐसे करें स्टॉल बुकिंग

मध्य प्रदेश सरकार किसानों के लिए ऑनलाइन सुविधाएं प्रदान कर रही है। MP Gehu Panjiyan 2023- 24 की ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से किसान घर बैठे अपने गेहूं को समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे। किसान mpeuparjan.nic.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। यहां स्लॉट बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। यह सुविधा किसानों के लिए बहुत ही उपयोगी है क्योंकि उन्हें अपने गेहूं को बेचने के लिए मंडी में जाने की जरूरत नहीं होगी।

आवश्यक दस्तावेज

  1. आधार कार्ड
  2. समग्र सदस्य आईडी की प्रति या पेन कार्ड
  3. वनाधिकार पट्टाधारी को पट्टे की प्रति
  4. सिकमी किसान सिकमी अनुबंध की प्रति
  5. किसान पंजीयन पर्ची का हस्ताक्षरित प्रिंट आउट
  6. खसरा
  7. ऋण पुस्तिका
  8. ई-केवाईसी हेतु सहमति पत्र भी जमा करना होगा

जिला आपूर्ति अधिकारी ने दी ये जानकारी

किसानों को खरीदारी के लिए SMS नहीं भेजा जाएगा। खरीदारी के लिए उन्हें अपने पंजीकृत उपार्जन केंद्र का स्लॉट बुक करना होगा। दरअसल, किसानों को अपने पंजीकृत उपार्जन केंद्र का स्वयं चयन करना होगा। साथ ही, उन्हें ऑनलाइन दिन और समय का स्लॉट बुक करना होगा। इस तरह से गेहूं का उपार्जन उन स्लॉटों के आधार पर किया जाएगा। इस दौरान यदि कोई स्लॉट उपलब्ध नहीं है तो किसानों को SMS द्वारा खरीदी की सूचना दी जाएगी- ओपी पाण्डेय, जिला आपूर्ति अधिकारी

72 घंटे के भीतर होगा भुगतान

साथ ही, किसानों के लिए यह अच्छी खबर है कि आधार लिंक बैंक खाते में खरीदारी का भुगतान 48 से 72 घंटे के भीतर कर दिया जाएगा। जिसकी जानकारी पंजीयन के समय ही किसानों से ले ली गई है। इसके लिए खाते में मोबाइल नम्बर भी जुड़ा होना आवश्यक है। इससे किसानों को उपार्जन की भुगतान की लंबी प्रक्रिया से बचाया जा सकेगा।

बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर बिल होगा जारी

किसान अपने गेहूं को जब उपार्जन केंद्र में देगा तो उपार्जन प्रभारी और किसान के बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर खरीदी का बिल जारी होगा। इसके लिए, किसान के बायोमेट्रिक विवरण को पंजीकृत मोबाइल या बायोमेट्रिक डिवाइस से सत्यापित किया जाएगा। यदि कोई किसान वृद्ध या शारीरिक रूप से अक्षम है तो उन्हें गेहूं बेचने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति को नामांकित करने की अनुमति है। इसलिए किसानों को अपने बायोमेट्रिक विवरण को सत्यापित करने के लिए अपने पंजीकृत मोबाइल या बायोमेट्रिक डिवाइस को साथ लेकर जाना पड़ेगा।

145208 किसानों ने कराया पंजीयन

वहीं, रीवा संभाग में गेहूं खरीदी के लिए 1 लाख 45 हजार 208 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसमें रीवा जिले में 49304, सतना जिले में 69102, सीधी जिले में 14487 तथा सिंगरौली जिले में 12315 किसानों ने पंजीयन कराया है। संभाग में गत वर्ष की तुलना में किसानों के पंजीयन में 21 प्रतिशत की कमी आई है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि किसान आज भी अपनी खेती को महत्व देते हैं और सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल का उनके साथ समर्थन है। इससे किसानों को सही मूल्य पर गेहूं खरीद में मदद मिलेगी और वे अपनी आय को बढ़ा सकेंगे।

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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