शराब बंदी को लेकर अब सड़क पर संत, 26 को चंबल किनारे होगी महापंचायत

शराब बंदी को लेकर अब सड़क पर संत, 26 को चंबल किनारे होगी महापंचायत

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मुरैना में हुए जहरीली शराब कांड (Morena Poisonous Liquor Scandal)के बाद से शुरू हुई मध्यप्रदेश में शराब बंदी (Liquor Ban) की माँग अब जोर पकड़ती जा रही है। स्वचेतना के साथ शराब बंद (Liquor Ban)  करने के लिए अभियान छेड़ने की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) की घोषणा के बाद अब शराब बंदी (Liquor Ban)  के लिए वर्षों से अभियान चला रहे संत हरि गिरि महाराज (Sant Hari Giri Maharaj) ने भी फिर से अपना अभियान तेज कर दिया है। उन्होंने अब अपना उद्देश्य एक समाज विशेष से बदलकर सर्व समाज की शराब बंदी की तरफ मोड दिया है।

शराब, नशा मुक्ति को लेकर गुर्जर समाज में चेतना जगा रहे संत हरि गिरि महाराज (Sant Hari Giri Maharaj)अब सर्व समाज में शराब, नशा मुक्ति चाहते हैं। उन्होंने अपने अभियान को एक समाज विशेष से हटाकर सर्व समाज और संपूर्ण मध्यप्रदेश के लिये कर दिया है। उन्होंने इसके लिए पदयात्रा शुरू की है। संत हरि गिरि महाराज के शिष्यों ने आज ग्वालियर के शीतला माता मंदिर सांतऊ से पदयात्रा शुरू की। ग्वालियर में पदयात्रा का कई जगह स्वागत हुआ। यात्रा का नेतृत्व कर रहे जनवेद गिरि महाराज ने कहा कि अब हमारा और हमारे गुरु जी का उद्देश्य है कि हमें शराब मुक्त मध्यप्रदेश चाहिए। इसके लिए संत समाज लगातार अभियान चलाएगा। उन्होंने कहा कि शराब बंदी को लेकर हरि गिरि महाराज की पंचायते लंबे समय से चल रही हैं। लेकिन मुरैना में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों ने हम सभी को बहुत कष्ट पहुंचाया है। इसलिए अब मध्यप्रदेश को शराब मुक्त करना चाहते हैं।

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जनवेद गिरि महाराज ने बताया कि हमारी यात्रा ग्वालियर से शुरू होकर मुरैना में चंबल नदी तक जायेगी। वहाँ 26 फरवरी को संत हरि गिरि महाराज के आश्रम पर शराब बंदी को लेकर महा पंचायत होगी जिसमें 50 हजार लोगों के पहुँचने की उम्मीद है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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