ट्विशा शर्मा मौत मामला: गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई आगे बढ़ी, हाई कोर्ट ने दिया ये हवाला

वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार को जमानत याचिका पर कोई बहस नहीं हुई। अब 26 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे मामले में बहस होगी।
MP High Court Jabalpur

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भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में उनकी सास पूर्व जज गिरिबाला  की जमानत याचिका पर शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ में जमानत याचिका पर बहस होनी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मामले के ट्रायल को मध्य प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने संबंधी याचिका लंबित होने के चलते सुनवाई आगे बढ़ा दी गई। अब हाई कोर्ट में 26 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे जमानत याचिका पर बहस होगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद टली सुनवाई

गिरिबाला सिंह की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार को जमानत याचिका पर बहस के लिए मामला सूचीबद्ध था। इसी दिन ट्विशा शर्मा के पिता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें मामले का ट्रायल मध्य प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की गई है।

अधिवक्ता के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल पर फिलहाल रोक लगाते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। हालांकि, जमानत याचिका पर सुनवाई को लेकर कोई रोक नहीं लगाई गई है। हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अवलोकन करने के लिए समय लिया है।

26 अक्टूबर को होगी जमानत पर बहस

वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार को जमानत याचिका पर कोई बहस नहीं हुई। अब 26 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे मामले में बहस होगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में ट्रायल को मध्य प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने की मांग पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद निर्णय लिया जाएगा कि मुकदमे की सुनवाई मध्य प्रदेश में होगी या किसी अन्य राज्य में। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते ट्रायल पर रोक है जबकि गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई 26 अक्टूबर को प्रस्तावित है।

वंदना झा की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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