नैनपुर से इंदौर आने वाली पेंचवैली एक्सप्रेस के B2 एसी कोच में बुधवार तड़के इटारसी के पास अचानक धुआं निकलने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। दरअसल शुरुआती जानकारी के मुताबिक एसी पैनल में शॉर्ट सर्किट की वजह से धुआं उठा। ट्रेन को तुरंत रोका गया और करीब 72 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे कोच में भेजा गया। इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
दरअसल पेंचवैली एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 19344) भोपाल की ओर बढ़ रही थी, तभी इटारसी से पहले पोला पत्थर स्टेशन के पास तड़के करीब 4 बजे B2 एसी कोच में धुआं फैलने लगा। उस समय अधिकांश यात्री सो रहे थे। अचानक धुआं भरने से कई यात्रियों को सांस लेने में परेशानी हुई और कोच में अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों और रेलवे स्टाफ ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए चेन खींचकर ट्रेन रोक दी। शुरुआती जांच में एसी पैनल से धुआं निकलने की बात सामने आई है। घटना के बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालना प्राथमिकता रही।
फायर अलार्म बजते ही खाली कराया गया पूरा कोच
वहीं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एसी पैनल से पहले धुआं निकलना शुरू हुआ और फिर हल्की चिंगारियां दिखाई दीं। इसके बाद फायर अलार्म सक्रिय हो गए और कोच की लाइटें भी कुछ देर के लिए बंद-चालू होने लगीं। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में घबराहट फैल गई। कई लोग अपना सामान तक कोच में छोड़कर बाहर निकल आए। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक B2 कोच में करीब 72 यात्री सफर कर रहे थे, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल थे। सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से दूसरे डिब्बों में शिफ्ट किया गया। मौके पर रेलवे की तकनीकी और सुरक्षा टीम पहुंची और पूरे कोच की जांच की गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
तकनीकी रिपोर्ट के बाद साफ होगी वजह
दरअसल घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के करीब 35 अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। तकनीकी टीम ने कोच के इलेक्ट्रिकल सिस्टम और एसी पैनल की जांच की। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है, लेकिन अंतिम कारण विस्तृत तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को आगे की यात्रा के लिए अनुमति दी गई और B2 कोच के यात्रियों को दूसरे डिब्बों में बैठाकर गंतव्य की ओर रवाना किया गया। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित कोच की विस्तृत जांच की जाएगी।






