लॉकडाउन में बेच रहा था समोसे, टीम को देख कर्मचारी और ग्राहक को बंद कर भागा दुकानदार

लॉकडाउन में बेच रहा था समोसे, टीम को देख कर्मचारी और ग्राहक को बंद कर भागा दुकानदार

ग्वालियर, अतुल सक्सेना।  60 घंटे के लॉकडाउन (Lockdown) में केवल अतिआवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने की छूट है बावजूद इसके कुछ दुकानदार लॉकडाउन (Lockdown) का उल्लंघन कर नियम तोड़ रहे हैं।  रविवार को तो हद ही हो गई, लॉकडाउन(Lockdown) के बावजूद कुछ दुकानदार सुबह नाश्ते की दुकान खोलकर बैठ गए। प्रशासन की टीम को जैसे ही पता चला वो कार्रवाई के लिए पहुँच गई।  टीम को देखते ही दुकानदार के हाथपैर फूल गए उसने दुकान में मौजूद कारीगर और एक ग्राहक को अंदर ही बंद किया और शटर डाल कर भाग गया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) के निर्देश पर प्रदेश में शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार 6 बजे तक 60 घंटे का लॉक डाउन प्रभावी है। इसका पालन कराने की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों पर है। ग्वालियर में अलग अलग क्षेत्र के एसडीएम (SDM) अपनी टीमों के साथ लगातार निरीक्षण कर रहे है।

 ये भी पढ़ें – कोरोना से मौत हुई तो होगा बड़ा गुनाह, ग्वालियर नगर निगम डेड बॉडी से भी करेगा वसूली!

मुरार क्षेत्र की एसडीएम पुष्पा पुषाम (SDM Pushpa Pusham) रविवार को निरीक्षण पर थी, उन्हें जानकारी मिली कि नाश्ते की दुकान मनई नाश्ता सेंटर खुली हैं वे जैसे ही दुकान पर पहुंची उन्हें देखकर दुकानदार दुकान का शटर गिराकर भाग गया। दुकानदार ने इस दौरान दुकान में मौजूद उसके कर्मचारी (कारीगर) सतीश सविता और एक ग्राहक को भी दुकान में बंद कर दिया। एसडीएम पुष्पा पुषाम (SDM Pushpa Pusham) के साथ मौजूद पटवारी ज्ञानसिंह राजपूत और अन्य कर्मचारियों से शटर खोलकर कर्मचारी और ग्राहक को बाहर निकाला और दुकान को सील कर दिया।  इसी तरह मुरार के ही रिसाला बाजार में विष्णु नामक दुकानदार भी गरम गरम समोसे बेच रहा था उसकी दुकान को भी सील कर दिया गया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews