SP ने किया ASI को लाइन अटैच, फरियादी बोला रुपए भी लिए, झूठा केस भी दर्ज किया

SP ने किया ASI को लाइन अटैच, फरियादी बोला रुपए भी लिए, झूठा केस भी दर्ज किया

शिवपुरी, शिवम पांडेय। खनियाधाना अंतर्गत आने वाले मायापुर थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक प्रताप सिंह गुर्जर (ASI Pratap Singh Gurjar) पर एनकाउंटर (encounter) करने का आरोप लगाते हुए झूठी कार्रवाई और तीन बार हजारों रुपए लेने का आरोप फरियादी बृजेंद्र सिंह और उसके भाइयों ने लगाया और सबूत के रुप में एक वीडियो क्लिप भी एसपी ऑफिस में दी जिसमें एएसआई रुपए लेते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो क्लिप के बाद एसपी ने एएसआई (ASI) को लाइन अटैच कर दिया है। गौरतलब है कि कि  इस खबर को एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ ने इस खबर को प्रमुखता से पाठकों तक पहुंचाया था, जिसका बड़ा असर हुआ है।

एस पी ऑफिस पहुंचकर बृजेंद्र सिंह और उसके भाइयों ने अपनी शिकायत दर्ज कराकर कहा कि उनके पिता का मर्डर करने वालों का एएसआई पक्ष लेता है और वह हमें डरा धमकाकर हमसे पैसे की मांग करता था। डर के कारण हमने पैसे भी दिए।  एक बार 30 हजार फिर 40 और अंतिम बार जब 20 हजार देने गया तो सिर्फ 10 हजार ही रुपए दे सका इसका मैंने वीडियो बनवा लिया और इस वीडियो की भनक एएसआई को लग गई और उसने मुझसे कहा कि वीडियो वायरल किया तो सीधा एनकाउंटर कर दूंगा।

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बृजेंद्र सिंह की माने तो 5 दिन पहले उसे किसी मामले में झूठा मुकदमा दर्ज कर लिया। बस इसी बात से मन को ठेस लगी और फिर हमने वीडियो वायरल कर एसपी साहब को जांच के लिए दिया। पूरे मामले पर एसपी राजेश सिंह चंदेल (SP Rajesh Singh Chandel) का कहना है कि वीडियो के बारे में हम पड़ताल कर रहे हैं कि यह पहले का है या अभी का। शिकायत मिलने के बाद हमने एएसआई गुर्जर को लाइन अटैच कर दिया है। मामले की पूरी जांच हम करा रहे हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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